अधिक ड्यूटी से तंग चालक ने ले ली अफसर की जान! 12 घंटे में खुला डेहरी नगर परिषद के EO की हत्या का राज
रोहतास के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या का पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार चालक ने अधिक ड्यूटी से परेशान होकर रॉड से हत्या की और घटना को हादसा व लूट का रूप देने की कोशिश की।

EO Murder Case। अफसर ज्यादा ड्यूटी कराते थे, गुस्से में ड्राइवर ने बीच रास्ते में रोककर उनकी जान ले ली।पुलिस ने कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा किया है। मामला बिहार के रोहतास जिले का है, जहां डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही वाहन चालक मिथिलेश ने अंजाम दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि चालक के लगातार बदलते बयानों ने पुलिस का संदेह बढ़ाया। कड़ी पूछताछ में उसने हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।
बयान बदलता रहा चालक, यहीं से हुआ शक
हालांकि पहले ड्राइवर ने पुलिस को गुमराह करने की भरपूर कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद चालक ने पहले दावा किया कि दो अपाची बाइक पर सवार अपराधियों ने हमला किया। बाद में उसने एक बाइक सवार हमलावर की बात कही और फिर घटना को सड़क दुर्घटना बताने लगा। लगातार बदलते बयानों के कारण पुलिस को उस पर संदेह हुआ।
पूछताछ में कबूला जुर्म
सख्ती से पूछताछ करने पर चालक ने स्वीकार किया कि उसी ने कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या की। उसने हत्या की वजह, वारदात को अंजाम देने का तरीका और इसे लूट व दुर्घटना का रूप देने की पूरी साजिश का खुलासा पुलिस के सामने किया।
‘ज्यादा ड्यूटी कराते थे, इसलिए मार डाला’
आरोपी चालक ने पुलिस को बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी उससे लगातार अत्यधिक ड्यूटी कराते थे, जिससे वह मानसिक तनाव में रहता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद भी हुआ था।शनिवार को भी इसी बात पर बहस हुई। इसके बावजूद रात में अधिकारी ने उसे पटना चलने को कहा। वह अनमने मन से गाड़ी लेकर निकला, लेकिन रास्ते में हत्या की योजना बना ली।

पेशाब के बहाने गाड़ी रोकी, फिर रॉड से किया हमला
पुलिस के अनुसार, औरंगाबाद के बारूण थाना क्षेत्र में नहर किनारे सुनसान जगह पर चालक ने पेशाब करने के बहाने वाहन रोक दिया। कार्यपालक पदाधिकारी ने गाड़ी रोकने से मना किया, लेकिन चालक नहीं माना।गाड़ी से उतरने के बाद उसने वाहन के पीछे रखी लोहे की रॉड निकाली और अधिकारी के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने रॉड को नहर में फेंक दिया।
हादसा और लूट का रूप देने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने वाहन को हल्का क्षतिग्रस्त कर दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारियों को फोन कर बताया कि अपाची बाइक सवार बदमाशों ने हमला कर दिया है।चालक घायल अधिकारी को खुद अस्पताल भी लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाया मामला
आईजी विकास वैभव ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल के निरीक्षण और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले का तेजी से खुलासा किया गया। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।पूछताछ में चालक ने बताया कि वह कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा अधिक ड्यूटी लेने और लगातार दबाव बनाए रखने के कारण मानसिक तनाव में था।
घटना वाले दिन डेहरी से पटना जाते समय भी उसने शाम होने के बाद जाने से मना किया था। उसने खाना भी नहीं खाया था, लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी ने उसे डांटते हुए साथ चलने को कहा।चालक के अनुसार, देर रात बारुण थाना क्षेत्र के बारुण-दाउदनगर-पटना नहर रोड स्थित लख डिहरा गांव के पास उसने पेशाब करने के लिए गाड़ी रोकी। तब भी ईओ ने उसे डांटा। इससे उसका गुस्सा और बढ़ गया।









