14वीं JPSC घोटाले में CID की एक और बड़ी कार्रवाई, 10 नए नाम चार्जशीट में; अब 34 आरोपी गिरफ्तार
झारखंड की 14वीं JPSC परीक्षा फर्जीवाड़े में CID ने 10 और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। मामले में अब तक 34 गिरफ्तार और 22 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल।

रांची। झारखंड की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े की जांच अब एक और बड़े पड़ाव पर पहुंच गई है। परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की पड़ताल कर रही सीआईडी ने 10 और आरोपियों के खिलाफ अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस कार्रवाई के साथ जांच के दायरे में आए लोगों के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कस गया है। मामले में अब तक 34 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि इससे पहले तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
इन 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुआ आरोपपत्र
सीआईडी की ओर से दाखिल पूरक चार्जशीट में जिन 10 लोगों के नाम शामिल हैं, वे हैं—
बुद्धेश्वर भगत
उमेश कुमार
मनोज कुमार
धर्मेंद्र कुमार
रक्षक सिंह
रौशन केरकेट्टा
अरुण कुमार राम
ब्रजेश राम
बताया गया है कि इन सभी आरोपियों को अगस्त महीने में गिरफ्तार किया गया था। अब जांच एजेंसी ने इनके खिलाफ अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।
34 गिरफ्तार, पहले 12 के खिलाफ भी दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
इस मामले में सीआईडी की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। इससे पहले तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी के अधिकारियों-कर्मचारियों समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।27 अक्टूबर को विशेष अदालत ने उस चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। अब 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल होने से जांच की कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी है।
JPSC कार्यालय में छापेमारी से खुला था मामला
इस पूरे प्रकरण में सीआईडी ने 21 जुलाई को पहली बड़ी कार्रवाई की थी। जांच टीम ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए थे। इसके अगले दिन 22 जुलाई को तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
जांच का दायरा बढ़ने के साथ परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल, प्रिंटिंग एजेंसी से जुड़े लोगों और कथित सिंडिकेट के सदस्यों तक भी पहुंचा। सीआईडी ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, ओएमआर शीट और गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं।
जांच में क्या-क्या सामने आया?
सीआईडी की पूर्व में दाखिल चार्जशीट में दावा किया गया था कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से संबंधित गोपनीय जानकारियां परिणाम जारी होने से पहले साझा की गई थीं। जांच एजेंसी ने व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और ओएमआर शीट से जुड़े दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर पेश किया है।आरोप है कि परीक्षा के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इन आरोपों की सच्चाई का अंतिम फैसला अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक सुनवाई के बाद ही होगा।
अब तक का पूरा अपडेट: 34 गिरफ्तारी, 22 के खिलाफ चार्जशीट
मामले की मौजूदा स्थिति को आंकड़ों में समझें तो अब तक 34 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी है। पहले 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी और अब 10 अन्य के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई है। इस तरह उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 22 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पहुंच चुका है।
अब आगे की कार्रवाई अदालत में दाखिल आरोपपत्रों और जांच एजेंसी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगी। झारखंड की सबसे चर्चित भर्ती परीक्षाओं में शामिल 14वीं जेपीएससी का यह मामला अभ्यर्थियों के बीच भी लगातार चर्चा में है।
सारांश: 14वीं जेपीएससी कथित फर्जीवाड़े में सीआईडी ने 10 और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। अब तक 34 लोगों की गिरफ्तारी और कुल 22 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी है। इससे पहले तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत 12 आरोपियों पर आरोपपत्र दाखिल किया गया था।












