close
LIVE UPDATE

झारखंड- तीन शराबी कर्मचारी सस्पेंड : दारू के नशे में कार्यालय में किया हंगामा, जांच के बाद डीसी ने तीनों कर्मचारियों की कर दी छुट्टी, जानें पूरा मामला….

Jharkhand — Three Drunken Employees Suspended: Created a Ruckus in the Office While Intoxicated; DC Dismisses All Three Following an Inquiry — Read the Full Story...

तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रखंड कार्यालय में नशे में हंगामा और ग्रामीणों से दुर्व्यवहार की पुष्टि के बाद उपायुक्त ने सख्त कदम उठाया है। मामला झारखंड के गढ़वा जिला का है।
…………………………………….
Suspension News : शराब पीकर दफ्तर में हंगामा करने वाले तीन कर्मचारियों की छुट्टी हो गयी है। जांच में दोषी पाये जाने के बाद डीसी गढ़वा ने तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामला केतार प्रखंड कार्यालय से जुड़ा है, जहां इन कर्मचारियों पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में हंगामा करने और ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा था।

मामले में दिनेश यादव (उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राजेश कुमार (राजस्व उप निरीक्षक), नीरज कुमार सिंह (जनसेवक) और जितेंद्र उरांव (अनुसेवक) को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई 9 अप्रैल 2026 को कार्यालय समय में हुई घटना के बाद की गई, जिसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से हुई।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकारी के अनुसार, इन कर्मियों के खिलाफ शिकायत रवि कुमार गुप्ता नामक एक ग्रामीण ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित कर्मचारी नशे की हालत में कार्यालय पहुंचे और वहां काम से आए ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए।

जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें यह पुष्टि हुई कि कर्मचारी शराब के प्रभाव में थे। साथ ही मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी आरोपों की पुष्टि करते हैं। इसके आधार पर प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 का स्पष्ट उल्लंघन माना।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

निलंबन के साथ ही इन कर्मचारियों के मुख्यालय भी बदल दिए गए हैं। राजेश कुमार का मुख्यालय अंचल कार्यालय भंडरिया और जितेंद्र उरांव का मुख्यालय प्रखंड कार्यालय बड़गड़ निर्धारित किया गया है। नीरज कुमार सिंह के खिलाफ भी विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी को नियमानुसार भत्ता दिया जाएगा।

इस घटना ने सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि कुछ कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं हैं, जिससे सरकारी तंत्र की छवि प्रभावित होती है।उपायुक्त दिनेश यादव ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि सरकारी सेवा में अनुशासनहीनता, नशाखोरी और जनता के साथ दुर्व्यवहार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *