बड़ा हादसा: 2 बेटी सहित मां की तालाब में डूबने से हो गई… बेटी को बचाने के चक्कर में मां – बेटी की भी चली गई जान, पसरा matam
Major Tragedy: Mother and Her Two Daughters Drown in Pond—Mother Loses Her Life While Attempting to Save Her Daughters; Grief Grips the Community.

चतरा/19.4.26। रविवार को बेहद ही दर्दनाक हादसा हो गया। चतरा जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत भोज्या गांव में मां और उसकी दो बेटी की मौत हो गयी। हादसा उस वक्त हुआ, जब तालाब में मां और उसकी दो बेटियां डूब गयी। हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है, वहीं प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
कपड़ा धोने गई थीं मां-बेटियां
जानकारी के अनुसार, भोज्या गांव निवासी खीरू बादव की पत्नी परवा देवी अपनी दो बेटियों गीता कुमारी (8 वर्ष) और मालती कुमारी (6 वर्ष) के साथ गांव के बड़का आहर (तालाब) में कपड़ा धोने गई थीं। इसी दौरान एक बच्ची का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के लिए मां परवा देवी तुरंत तालाब में कूद पड़ीं। वहीं दूसरी बेटी भी घबराकर मां और बहन को बचाने के लिए पानी में उतर गई।
बचाने की कोशिश बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब में काफी फिसलन और गहराई होने के कारण तीनों खुद को संभाल नहीं सकीं और देखते ही देखते पानी में डूब गईं।घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शव तालाब से बाहर निकाले गए।
गांव में पसरा मातम
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। एक ही परिवार की तीन-तीन मौतों से माहौल बेहद गमगीन हो गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस त्रासदी से स्तब्ध हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद काफी देर तक न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी।
सदर थाना को सूचना दिए जाने के बाद भी तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर प्रशासन पहुंचता, तो स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
घटनास्थल पर ही पड़े रहे शव
ग्रामीणों के अनुसार, तीनों मां-बेटियों के शव काफी देर तक घटनास्थल पर ही पड़े रहे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न होने की मांग की है।यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करता है।









