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रांची: 8 साल से गायब बच्ची पर हाई कोर्ट सख्त, मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP को किया तलब, गुजरात में आरोपी का नार्को टेस्ट

Gumla Missing Girl Case, Jharkhand High Court, Gumla Missing Child, DGP Summoned, Jharkhand News गुमला से 2018 में लापता हुई बच्ची के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP को तलब किया, पूर्व एसपी की जांच के आदेश बरकरार।

रांची। साल 2018 में रहस्यमय ढंग से लापता हुई छह साल की बच्ची के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर ऐतराज जताया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने न सिर्फ राज्य सरकार की दलीलों पर सवाल उठाए, बल्कि मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश भी दिया।

आपको बता दें कि बच्ची की तलाश को लेकर उसकी मां ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से एक हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर अदालत के पूर्व आदेश में संशोधन की मांग की गई थी। इसी पर नाराजगी जताते हुए खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया।

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पूर्व एसपी की भूमिका पर उठे सवाल

अदालत ने अधिकारियों से पूछा कि जब हाई कोर्ट ने वर्ष 2018 से 2023 के बीच गुमला में पदस्थ रहे पुलिस अधीक्षकों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए थे, तो उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की जरूरत क्यों पड़ी। कोर्ट का मानना है कि इतने संवेदनशील मामले में जांच की गति और पुलिस की कार्यशैली कई सवाल खड़े करती है।सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस ले ली है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की जांच से पुलिस अधिकारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

कोर्ट की दो टूक— न्याय से बड़ा कुछ नहीं

मुख्य सचिव की दलील पर हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पुलिस अधिकारियों का पहला दायित्व निष्पक्ष और संवेदनशील जांच करना है। यदि किसी गंभीर मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जाती है, तो न्यायालय हस्तक्षेप करने के लिए बाध्य होगा।खंडपीठ ने कहा कि अदालत का उद्देश्य किसी अधिकारी का मनोबल गिराना नहीं, बल्कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना और कानून के शासन को सुनिश्चित करना है।

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गुजरात में होगा मुख्य आरोपी का नार्को टेस्ट

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को जानकारी दी कि मामले की मुख्य आरोपी महिला के नार्को टेस्ट की अनुमति निचली अदालत से मिल चुकी है। अब उसका नार्को विश्लेषण गुजरात में कराया जाएगा, जिससे मामले के कई अनसुलझे पहलुओं से पर्दा उठने की उम्मीद है।

9 जुलाई को अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखते हुए वर्ष 2018 से 2023 के बीच गुमला में पदस्थ सभी एसपी की कार्यशैली और केस डायरी के संचालन की जांच के निर्देश दोहराए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित की गई है।आठ वर्षों से अपनी बेटी की तलाश में भटक रही मां की उम्मीदें अब हाई कोर्ट की निगरानी में चल रही जांच पर टिकी हैं। अदालत के सख्त रुख ने इस बहुचर्चित मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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