RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने, बम फेंकने की तस्वीर पाकिस्तान भेजने का भी मिला सबूत
RSS Office Attack Ranchi RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज, आरोपी पर UAPA की तैयारी

रांची। RSS कार्यालय में बम फेंकने की घटना महज एक वारदात नहीं, बल्कि आंतकी घटना का रिहर्लसल जैसा था। राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में हुई जांच में कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा मिला है। इस इनपुट ने अब गंभीर सुरक्षा चिंताओं को जन्म दे दिया है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के बाद मामले को केवल आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संभावित आतंकी साजिश के रूप में भी देखा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के विदेशी संपर्कों और कथित पाकिस्तान कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है।
कोडरमा से गिरफ्तारी, फिर थाने से फरार
मंगलवार देर रात हुए हमले के बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी सैफ अंसारी समेत दो आरोपियों को गुरुवार रात कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास एक ट्रेन से गिरफ्तार किया था। दोनों राज्य से बाहर भागने की कोशिश में थे।गिरफ्तारी के बाद उन्हें रांची के कोतवाली थाना लाकर पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान शुक्रवार दोपहर दोनों आरोपियों ने हाजत की खिड़की तोड़कर फरार होने का प्रयास किया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मांडर टोल प्लाजा के पास फिर दबोचे गए
आरोपियों के भागने की सूचना मिलते ही पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों एक बस के जरिए भाग रहे हैं। इसके बाद मांडर टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर उन्हें दोबारा पकड़ लिया गया।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने फिर भागने की कोशिश की, जिससे पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हमले का वीडियो पाकिस्तान भेजने का आरोप
एजेंसियों के अनुसार हमले को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि वीडियो को डिजिटल माध्यम से पाकिस्तान भेजा गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किसे भेजा गया, उसका उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
UAPA के तहत कार्रवाई की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल उपकरणों, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही हैं। विदेशी संपर्कों और कथित आतंकी संबंधों की पुष्टि होने पर आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कई एजेंसियां जुटीं जांच में
पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमले की योजना कहां बनी, किसने निर्देश दिए और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।









