पति की मौत के बाद पत्नी से 60 लाख की ठगी, बैंक और LIC का पैसा दिलाने के नाम पर दंपती ने किया बड़ा फ्रॉड
रांची के सिल्ली में विधवा महिला से 60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पति की मौत के बाद बैंक और LIC का पैसा दिलाने के नाम पर दंपती ने बैंक खाते से लाखों रुपये ट्रांसफर कर लिए। पुलिस जांच में जुटी है।

रांची। पति की मौत के बाद पूनम टूट चुकी पूनम ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके साथ इतनी बड़ी ठगी हो जायेगी। जिसे वो अपना समझकर सारी जानकारी दे रही थी, वो उसके पैसे का लूटेरा बन जायेगा। मामला झारखंड की राजधानी रांची के सिल्ली थाना क्षेत्र का है, जहां एक विधवा महिला के साथ करीब 60 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने महिला के दिवंगत पति के बैंक और एलआईसी से जुड़े पैसों का निपटारा कराने का झांसा देकर लाखों रुपये हड़प लिए। पीड़िता की शिकायत पर सिल्ली थाना में मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
पति के निधन के बाद बढ़ाया संपर्क
जानकारी के अनुसार, सिल्ली निवासी नमिता महतो के पति सुभाष चंद्र महतो का निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद बैंक खातों और एलआईसी से मिलने वाली राशि के निपटारे की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान सत्य प्रकाश और उसकी पत्नी पूनम कुमारी ने नमिता महतो से संपर्क किया।पीड़िता का आरोप है कि दोनों ने खुद को प्रभावशाली और कानूनी प्रक्रिया का जानकार बताते हुए उसका विश्वास जीत लिया। धीरे-धीरे उन्होंने बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
मोबाइल में बैंकिंग ऐप डाउनलोड कर निकाले पैसे
FIR के मुताबिक आरोपियों ने बिना अनुमति के पीड़िता के मोबाइल फोन में बैंकिंग एप्लीकेशन डाउनलोड कर उसे सक्रिय कर लिया। इतना ही नहीं, बैंक खाते से जुड़े पासवर्ड, लॉगिन पिन और अन्य गोपनीय जानकारियां भी अपने पास रख लीं।शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने एसबीआई खाते से कई बार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रकम अपने खातों में ट्रांसफर की। पीड़िता को इसकी जानकारी न हो, इसके लिए मोबाइल पर आने वाले बैंक मैसेज और ओटीपी भी डिलीट कर दिए जाते थे।
49.77 लाख रुपये ट्रांसफर, 9.50 लाख फीस के नाम पर लिए
प्राथमिकी के अनुसार, 6 मार्च 2023 को आरोपियों ने 4.12 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। जांच में अब तक करीब 49.77 लाख रुपये के अवैध ट्रांजैक्शन की बात सामने आई है। इसके अलावा आरोपियों पर कथित कानूनी प्रक्रिया और फीस के नाम पर 9.50 लाख रुपये अतिरिक्त लेने का भी आरोप है।पीड़िता ने पुलिस को बताया कि एलआईसी की राशि खाते में आने के बाद बैंक ने उसे स्वतः एफडी में परिवर्तित कर दिया था। इसी दौरान आरोपियों ने मदद के नाम पर संपर्क बढ़ाया और पूरे ठगी के जाल को अंजाम दिया।
पुलिस कर रही डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच
सिल्ली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की कुल राशि कितनी है और इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









