झारखंड ब्रेकिंग : JPSC-JSSC आंदोलन पर सरकार का बड़ा फैसला, छात्रों से बातचीत के लिए 4 मंत्रियों की कमेटी गठित, दीपिका पांडे, सुदिव्य सोनू सहित चार मंत्री व ये अफसर हैं शामिल….
Jharkhand Breaking: Government's major decision regarding the JPSC-JSSC agitation; a four-minister committee has been formed to hold talks with the students. The committee includes four ministers—such as Deepika Pandey and Sudivya Sonu—along with other officials.

रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर बातचीत और समाधान तलाशने के लिए सरकार ने चार मंत्रियों की उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का उद्देश्य छात्रों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और मांगों पर चर्चा करना है।
चार मंत्री करेंगे आंदोलनरत छात्रों से बातचीत
सरकार की ओर से गठित कमेटी में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय यादव और चमरा लिंडा को शामिल किया गया है। ये सभी मंत्री आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और उनकी मांगों को विस्तार से सुनेंगे।सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकाला जाएगा, जिससे छात्रों की चिंताओं का उचित निराकरण हो सके।
अपर मुख्य सचिव अजय सिंह भी कमेटी में शामिल
सरकार ने इस पहल को प्रशासनिक स्तर पर भी मजबूत करने के लिए अपर मुख्य सचिव अजय सिंह को कमेटी का सदस्य बनाया है। माना जा रहा है कि उनकी मौजूदगी से वार्ता के दौरान प्रशासनिक और नीतिगत पहलुओं पर प्रभावी निर्णय लेने में आसानी होगी।
सरकार बोली- अब छात्रों के जवाब का इंतजार
कमेटी के गठन की पुष्टि करते हुए मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता के साथ बातचीत के लिए तैयार है। अब यह निर्णय आंदोलनरत छात्रों को लेना है कि वे वार्ता के लिए कब आगे आते हैं।उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और आपसी सहमति से निकले, ताकि भर्ती परीक्षाओं को लेकर बना गतिरोध समाप्त हो सके।
JPSC-JSSC विवाद के बीच अहम पहल
गौरतलब है कि हाल के दिनों में JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच सरकार द्वारा मंत्रिस्तरीय कमेटी का गठन आंदोलन और सरकार के बीच संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।








