Jharkhand High Court: 2819 अभ्यर्थियों के री-एग्जाम विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, अब सिंगल बेंच करेगी सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC के 2819 माध्यमिक आचार्य अभ्यर्थियों के री-एग्जाम विवाद को सिंगल बेंच के पास भेज दिया है। अब इसी बेंच में आगे की सुनवाई होगी।

रांची। झारखंड में शिक्षक भर्ती कोर्ट के कटघरे से बाहर निकल ही नहीं पा रहा है। माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े 2819 अभ्यर्थियों के री-एग्जाम (पुनर्परीक्षा) विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में हुई, जहां अदालत ने इस प्रकरण को वापस सिंगल बेंच के पास भेजने का निर्देश दिया।
डबल बेंच के इस आदेश के बाद अब री-एग्जाम से जुड़े विवाद की आगे की सुनवाई सिंगल बेंच में होगी।यह मामला अर्पणा कुमारी एवं अन्य की ओर से दायर याचिकाओं से संबंधित है। याचिकाओं में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा 2819 अभ्यर्थियों के लिए जारी री-एग्जाम के आदेश को चुनौती दी गई है।
री-एग्जाम के आदेश पर अभ्यर्थियों की आपत्ति
दरअसल याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जेएसएससी द्वारा जारी पुनर्परीक्षा का आदेश न्यायसंगत नहीं है। इसी आदेश के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अलग-अलग रिट याचिकाएं दाखिल की थीं।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने पक्ष रखा और अदालत के समक्ष विस्तार से अपनी दलीलें पेश कीं।
डिवीजन बेंच तक कैसे पहुंचा मामला?
कोर्ट में सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से दलील दी गई थी कि इसी विषय से संबंधित एक जनहित याचिका (PIL) पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। इसी आधार पर सिंगल बेंच के समक्ष लंबित सभी रिट याचिकाओं को उस पीआईएल के साथ टैग कर डिवीजन बेंच के समक्ष भेज दिया गया था, ताकि दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई हो सके।
पीआईएल पहले ही हो चुकी थी समाप्त
सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने पाया कि जिस जनहित याचिका के साथ इन रिट याचिकाओं को जोड़ा गया था, उसका पहले ही निस्तारण किया जा चुका है। अदालत ने कहा कि जब संबंधित पीआईएल का निपटारा हो चुका है, तब इन व्यक्तिगत रिट याचिकाओं की सुनवाई डिवीजन बेंच के समक्ष जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।इसके बाद डिवीजन बेंच ने सभी याचिकाओं को वापस सिंगल बेंच के पास भेजने का आदेश दे दिया।
अब सिंगल बेंच करेगी अंतिम सुनवाई
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब 2819 अभ्यर्थियों के री-एग्जाम से जुड़े विवाद की सुनवाई सिंगल बेंच में होगी। माना जा रहा है कि आगामी सुनवाई में अदालत का फैसला माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया और री-एग्जाम के आदेश पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।इस मामले पर हजारों अभ्यर्थियों की नजर टिकी हुई है, क्योंकि हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय न केवल री-एग्जाम की वैधता बल्कि नियुक्ति प्रक्रिया की आगे की दिशा भी तय करेगा।






