Palamu News झारखंड में जहरीले सरसों तेल से 5 मौत: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे यही सरसों तेल? जानिए कैसे करें असली-नकली तेल की पहचान
Palamu News: पलामू में सरसों तेल में Argemone (कटेला) की मिलावट से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत के बाद हड़कंप। जानिए असली और नकली सरसों तेल की पहचान कैसे करें, मिलावटी तेल से कैसे बचें और क्या कहते हैं विशेषज्ञ।

रांची/पलामू। झारखंड के पलामू जिले के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। रहस्यमयी तरीके से हुई इस मौत ने गुत्थी काफी उलझा दी थी। घर से फूड सैंपल लिये गये थे, जिसकी जांच में बेहद ही चौकाने वाली जानकारी सामने आयी है। अब इस मामले में आई स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री, रांची की जांच रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है।
रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि परिवार द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सरसों तेल में आर्गेमोन मैक्सिकाना (कटेला/पीला धतूरा) के जहरीले तेल की मिलावट थी। इसके बाद पूरे झारखंड में सरसों तेल की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर असली और नकली सरसों तेल की पहचान कैसे की जाए।
पांच लोगों की मौत के पीछे निकला मिलावटी सरसों तेल
पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में हुई इस दर्दनाक घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने पीड़ित परिवार के घर से सरसों तेल का नमूना लेकर जांच कराई। जांच में सामने आया कि तेल में आर्गेमोन मैक्सिकाना यानी कटेला के बीज का तेल मिला हुआ था। यह तेल मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है और इसके सेवन से गंभीर बीमारी के साथ मौत तक हो सकती है।
कैसे पहुंचा जहरीला तेल खाने की थाली तक?
जांच रिपोर्ट के अनुसार कटेला एक खर-पतवार है, जिसके बीज देखने में सरसों के बीज जैसे ही दिखाई देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार कटाई या पेराई के दौरान लापरवाही की वजह से कटेला के बीज सरसों के साथ मिल जाते हैं। जब इन्हें एक साथ क्रश किया जाता है तो सरसों तेल में जहरीला आर्गेमोन तेल भी मिल जाता है। यही मिलावट इस पूरे हादसे की वजह बनी।
थोड़ी सी मिलावट भी पड़ सकती है भारी
विशेषज्ञों का कहना है कि सरसों तेल में आर्गेमोन तेल की बहुत कम मात्रा भी पूरे तेल को जहरीला बना देती है। इसके सेवन से ड्रॉप्सी (Dropsy) जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। इस बीमारी में शरीर में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, हृदय और किडनी पर असर जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
कहीं आपके घर में भी तो नहीं है ऐसा तेल? ऐसे करें पहचान
पांच मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आम लोग मिलावटी सरसों तेल की पहचान कैसे करें। विशेषज्ञ कुछ आसान सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं।
• हमेशा FSSAI लाइसेंस और ब्रांडेड पैकिंग वाला सरसों तेल ही खरीदें।
• खुला या बिना लेबल वाला तेल खरीदने से बचें।
• असली सरसों तेल में तेज और प्राकृतिक सरसों की खुशबू होती है। यदि गंध बहुत हल्की या अजीब लगे तो सावधान हो जाएं।
• बाजार कीमत से बहुत सस्ता तेल मिल रहा हो तो उसे खरीदने से बचें।
• तेल का रंग अत्यधिक चमकीला या असामान्य दिखाई दे तो उसकी गुणवत्ता पर संदेह करें।
• यदि तेल खाने के बाद परिवार के कई लोगों में एक साथ सूजन, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और तेल का इस्तेमाल बंद कर दें।
प्रशासन हुआ सतर्क
फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री की रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट मोड में आ गए हैं। विभाग अब ग्रामीण इलाकों की तेल मिलों और बाजारों में बिक रहे सरसों तेल की जांच तेज करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।









