झारखंड: JSSC शिक्षक भर्ती के नाम पर गजब फर्जीवाड़ा, 10 लाख की ठगी का पर्दाफाश, ग्रामीणों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा, बैग से मिला ऐसा सामान, सब रह गये हैरान
सरायकेला में JSSC पीजीटी सहायक आचार्य की नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बैग से फर्जी दस्तावेज और अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र बरामद हुए।

JSSC Scam। शिक्षक भर्ती के नाम पर झारखंड में बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है। झारखंड में एक ऐसा गिरोह पकड़ाया है, जो शिक्षक भर्ती के नाम पर लोगों से पैसे लिया करता था। मामला झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले का है, जहां सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड़ गांव में गुरुवार को ग्रामीणों की सूझबूझ से एक युवक को जेएसएससी (JSSC) पीजीटी सहायक आचार्य के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने की कोशिश करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।पुलिस ने आरोपी के पास से जेएसएससी भर्ती से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज, अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य संदिग्ध कागजात बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में राज्यभर में सक्रिय एक बड़े फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है।
अभ्यर्थी की समझदारी से नाकाम हुई ठगी
पीड़ित अभ्यर्थी ने बताया कि बुधवार को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को जेएसएससी का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए कहा कि उसकी पीजीटी सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति सुनिश्चित हो गई है, लेकिन इसके लिए 10 लाख रुपये देने होंगे।
आरोपी ने यह भी धमकी दी कि यदि तत्काल पैसे नहीं दिए गए तो नौकरी किसी दूसरे उम्मीदवार को दे दी जाएगी। फोन पर हुई बातचीत से अभ्यर्थी को संदेह हुआ। उसने आरोपी को पैसे देने के बहाने गुरुवार को बड़ामटांड़ गांव बुलाया और पहले ही ग्रामीणों को पूरी जानकारी दे दी। जैसे ही आरोपी गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
ब्लैंक चेक और मूल प्रमाण पत्र लेकर करता था ठगी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उनसे दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक और सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करवा लेता था।गिरोह का तरीका यह था कि फर्जी जॉइनिंग लेटर दिखाकर अभ्यर्थियों का भरोसा जीतने के बाद उनसे 10 लाख रुपये नकद वसूले जाते थे। इससे आशंका है कि गिरोह लंबे समय से बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहा था।
बैग से मिले कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज
आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर पुलिस को जेएसएससी भर्ती से संबंधित कई सरकारी फॉर्म, विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। पुलिस अब इन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने युवाओं को इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू
चौका थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।








