सिपाही-वकील में बीच सड़क पर जमकर पटका-पटकी, वाहन चेकिंग के नाम पर हुई लड़ाई, फिर सड़क पर हुआ तमाशा
नशे में धुत एक सिपाही और अधिवक्ता के बीच बीच सड़क पर जमकर मारपीट हो गई। करीब 10 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में यूपी-112 में तैनात सिपाही धीरज मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच एडीसीपी लाइंस को सौंपी गई है।

Police And Lawyer Fight। बीच सड़क पर सिपाही और वकील में जमकर पटका-पटकी हुई। लोग छुड़ाने का प्रयास करते रहे, लेकिन दोनों बेहयाई से लत्तम-घूसा करते रहे। मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर का है, जहां पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के सिविल लाइंस स्थित गुप्तार घाट इलाके में कथित रूप से नशे में धुत एक सिपाही और अधिवक्ता के बीच बीच सड़क पर जमकर मारपीट हो गई।
करीब 10 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में यूपी-112 में तैनात सिपाही धीरज मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच एडीसीपी लाइंस को सौंपी गई है। वायरल वीडियो में सिपाही और वकील के बीच पहले तीखी बहस होती दिखाई देती है। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल जाता है।
वीडियो में कभी सिपाही वकील पर हावी नजर आता है तो कभी वकील सिपाही को थप्पड़ और लात मारते हुए जमीन पर गिरा देता है। जवाब में सिपाही भी वकील का पैर पकड़कर उसे सड़क पर गिरा देता है। दोनों के बीच काफी देर तक हाथापाई चलती रही, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे और कुछ लोग उन्हें अलग कराने की कोशिश करते दिखे।
बताया जा रहा है कि घटना के समय सिपाही धीरज मिश्रा यूपी-112 की ड्यूटी पर था। उसके साथ दुष्यंत सिंह नामक सिपाही भी मौजूद था, जो विभागीय जानकारी के अनुसार करीब छह महीने से निलंबित चल रहा है। इसके बावजूद उसके वर्दी पहनकर मौके पर मौजूद रहने से भी विभाग में सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस ने दुष्यंत सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा है और उसके खिलाफ अलग से विभागीय जांच शुरू कर दी है।प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मी एक वाहन चालक के दस्तावेजों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ अधिवक्ताओं से कहासुनी हो गई और विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
घटना के बाद अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी कथित रूप से नशे की हालत में वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। विरोध करने पर विवाद हुआ और मारपीट शुरू हो गई। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने भी दोनों पक्षों के नशे में होने का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
एसीपी आनंद ओझा ने बताया कि वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। घटना की शुरुआत कैसे हुई, मारपीट के लिए कौन जिम्मेदार है और क्या वास्तव में पुलिसकर्मी नशे में थे, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








