Health Alert: क्या आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनने से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा
यूके की एक जांच में कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी में कैडमियम तय सीमा से हजारों गुना अधिक पाया गया। जानिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं और खरीदारी के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Health News: आर्टिफिशियल ज्वेलरी आज फैशन का अहम हिस्सा बन चुकी है। लोग आजकल सिक्युरिटी व फैशन दोनों के लिहाज से आर्टिफिशियल ज्वेलरी को पसंद कर रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच लाखों लोग कम कीमत में मिलने वाली अंगूठी, नेकलेस, इयररिंग्स और ब्रेसलेट खरीद रहे हैं।
लेकिन हाल ही में ब्रिटेन (यूके) में हुई एक जांच ने इन उत्पादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी में कैडमियम (Cadmium) नामक जहरीली धातु तय सीमा से हजारों गुना अधिक मात्रा में पाई गई, जो लंबे समय तक संपर्क में रहने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है।
जांच में क्या सामने आया?
द संडे टाइम्स की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन और स्थानीय बाजारों में बिक रही कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी में कैडमियम की मात्रा निर्धारित सीमा से 9,000 गुना तक अधिक पाई गई।यूके के नियमों के अनुसार आर्टिफिशियल ज्वेलरी में कैडमियम की अधिकतम सीमा 0.01% निर्धारित है। लेकिन जांच में कुछ उत्पादों में इसकी मात्रा इससे कई हजार गुना ज्यादा मिली।
सबसे चौंकाने वाला मामला एक ऐसी अंगूठी का था, जिसे “925 सिल्वर” बताकर बेचा जा रहा था। जांच में पता चला कि उसमें लगभग 92% कैडमियम मौजूद था, जबकि 925 सिल्वर का मतलब 92.5% चांदी होना चाहिए।
इसके अलावा एक ब्रेसलेट में भी कैडमियम की मात्रा तय सीमा से करीब 3,300 गुना अधिक पाई गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित उत्पादों को बाजार से वापस मंगाया गया।
स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है?
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के अनुसार, यदि लंबे समय तक कैडमियम के संपर्क में रहा जाए, तो यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे:
• कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
• किडनी और लिवर प्रभावित हो सकते हैं।
• हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या का जोखिम बढ़ सकता है।
किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर क्रिस्टर होगस्ट्रैंड ने भी इस तरह के भारी धातुओं (Heavy Metals) के लंबे समय तक संपर्क को स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।
इयररिंग्स को लेकर ज्यादा सावधानी क्यों?
रिपोर्ट में कहा गया है कि इयररिंग्स का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है, क्योंकि वे सीधे त्वचा और कान के छेद के संपर्क में रहती हैं। यदि इनमें हानिकारक धातुएं मौजूद हों, तो लंबे समय तक संपर्क स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
खरीदारी करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
• भरोसेमंद ब्रांड या विक्रेता से ही ज्वेलरी खरीदें।
• बहुत सस्ती और बिना गुणवत्ता प्रमाण वाली ज्वेलरी से सावधानी बरतें।
• यदि ज्वेलरी पहनने के बाद त्वचा पर खुजली, लालिमा या जलन हो तो उसका उपयोग बंद कर दें।
• बच्चों के लिए आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीदते समय विशेष सतर्कता बरतें।
महत्वपूर्ण: यह रिपोर्ट यूके में जांचे गए कुछ उत्पादों पर आधारित है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी ऑनलाइन या भारत में बिकने वाली आर्टिफिशियल ज्वेलरी में इसी प्रकार की मिलावट होती है। भारत में उपलब्ध उत्पादों के बारे में अलग-अलग गुणवत्ता मानक और परीक्षण लागू हो सकते हैं।








