JSSC Field Worker Exam 2026: एडमिट कार्ड विवाद व आउट ऑफ सिलेबस पेपर पर जानिये क्यों मचा है बवाल, आयोग ने दी ये सफाई
JSSC Field Worker Exam 2026 विवादों में घिर गई है। अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड देर से मिलने, दूर परीक्षा केंद्र और संथाली प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर सवाल पूछे जाने का आरोप लगाया है। आयोग ने सभी आरोपों पर अपनी सफाई दी।

JSSC Field Worker Exam 2026। दिल्ली में छात्र आंदोलन की आंच अब झारखंड में भी दिख रही है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की क्षेत्रीय कार्यकर्ता (Field Worker) नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा अब विवादों में घिर गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने आयोग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
किसी ने परीक्षा वाले दिन ई-मेल से एडमिट कार्ड मिलने का दावा किया है तो कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र सैकड़ों किलोमीटर दूर आवंटित किए जाने पर नाराजगी जताई है। वहीं संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में सिलेबस से बाहर और त्रुटिपूर्ण प्रश्न पूछे जाने का आरोप भी सामने आया है।
एडमिट कार्ड देर से मिलने का आरोप
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें परीक्षा के दिन ही ई-मेल के जरिए एडमिट कार्ड की सूचना मिली, जिसके कारण वे निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके। उनका आरोप है कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की लापरवाही से कई उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
26.77 प्रतिशत ही रही परीक्षा में उपस्थिति
19 जुलाई को आयोजित इस परीक्षा में कुल 3,22,867 अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड जारी किए गए थे, लेकिन परीक्षा में केवल 86,444 उम्मीदवार शामिल हुए। यानी उपस्थिति महज 26.77 प्रतिशत रही। राज्यभर के विभिन्न जिला मुख्यालयों में 813 परीक्षा केंद्रों पर तीन पालियों में परीक्षा आयोजित की गई थी।
600 किलोमीटर दूर मिला परीक्षा केंद्र
कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उनके परीक्षा केंद्र घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर बनाए गए थे। इससे समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें परीक्षा वाले दिन दोपहर 2:59 बजे ई-मेल से एडमिट कार्ड की सूचना मिली, जबकि परीक्षा केंद्र में प्रवेश का समय तीन बजे तक ही था। उनका केंद्र लातेहार में था, जो उनके कार्यस्थल जमशेदपुर से करीब 240 किलोमीटर दूर था।
वहीं एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र गोड्डा में था, जो उनके घर से लगभग 600 किलोमीटर दूर था। लगातार बारिश और कम समय के कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
संथाली प्रश्नपत्र पर भी उठे सवाल
विवाद सिर्फ एडमिट कार्ड तक सीमित नहीं रहा। संथाली भाषा (पेपर-2) के अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि 100 में करीब 40 प्रश्न सिलेबस से बाहर पूछे गए। इसके अलावा चार प्रश्न तथ्यात्मक रूप से गलत बताए गए हैं।अभ्यर्थियों ने आयोग को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र में संथाली साहित्य, संस्कृति, लोकगाथाओं और प्रमुख साहित्यकारों से जुड़े कई प्रश्न गलत थे।
आयोग ने आरोपों को किया खारिज
अभ्यर्थियों के आरोपों पर जेएसएससी सचिव सुधीर गुप्ता ने कहा कि आयोग ने सभी प्रक्रियाएं तय समय के अनुसार पूरी की थीं। उनके मुताबिक 11 से 14 जुलाई के बीच सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी कर दी गई थी और 16 जुलाई से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का लिंक आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध था। उनका कहना है कि उम्मीदवार वेबसाइट से समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते थे।
अब परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों और अभ्यर्थियों के विरोध के बीच इस पूरे मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अभ्यर्थी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि आयोग अपने पक्ष पर कायम है।
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