Palamu News:शिक्षिका को नहीं मिली छुट्टी, प्रसूति अवकाश के लिए 50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, छुट्टी नहीं मिलने पर गर्भ में नवजात की मौत
पलामू की शिक्षिका के पति ने शिक्षा विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- समय पर अवकाश मिलता तो बच सकती थी बच्चे की जान; घटना के बाद व्हाट्सएप पर भेजा गया छुट्टी स्वीकृति पत्र।

Teacher News। झारखंड के पलामू जिले में एक महिला शिक्षिका के प्रसव के दौरान गर्भ में ही नवजात की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिक्षिका के पति ने दावा किया है कि प्रसूति अवकाश स्वीकृत करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। उनका आरोप है कि समय पर अवकाश नहीं मिलने से उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ती गई और आखिरकार प्रसव के दौरान गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। हालांकि जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
10 दिनों तक लगाते रहे कार्यालय के चक्कर
जानकारी के अनुसार, शिक्षिका भारती पांडेय तरहसी प्रखंड के सिलदिलीया प्लस टू हाई स्कूल में पदस्थापित हैं और वर्तमान में चैनपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में प्रतिनियुक्त थीं। प्रसव की संभावित तिथि नजदीक होने पर उन्होंने प्रसूति अवकाश के लिए आवेदन किया था। परिजनों का आरोप है कि पिछले 10 दिनों से आवेदन लंबित रहा और छुट्टी स्वीकृत नहीं की गई।
पति ने लगाए रिश्वत मांगने के आरोप
शिक्षिका के पति मुकेश कुमार तिवारी, जो हजारीबाग जिला पुलिस बल में कार्यरत हैं, ने आरोप लगाया कि डीईओ कार्यालय के लिपिक अरुण गिरी और ईश्वर दयाल राम ने प्रसूति अवकाश स्वीकृत करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने बताया कि कई बार डीईओ कार्यालय जाकर गुहार लगाई गई, शिक्षक संगठनों से भी मदद मांगी गई और पांच दिन पहले पलामू उपायुक्त को भी शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मुकेश तिवारी का कहना है कि यदि समय पर प्रसूति अवकाश मिल जाता, तो उनकी पत्नी को यह स्थिति नहीं झेलनी पड़ती और संभवतः नवजात की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने डीईओ और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है।
घटना के बाद व्हाट्सएप पर भेजा गया अवकाश आदेश
परिजनों का आरोप है कि जैसे ही गर्भ में बच्चे की मौत की सूचना शिक्षा विभाग तक पहुंची, आनन-फानन में प्रसूति अवकाश स्वीकृत कर उसका आदेश व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया गया। फिलहाल महिला शिक्षिका मेदिनीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
डीईओ ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने रिश्वत मांगने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें पहले इस मामले की जानकारी नहीं थी और संबंधित शिक्षिका को वह व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते। उन्होंने बताया कि शिक्षिका का अवकाश नियमानुसार स्वीकृत कर दिया गया है तथा रिश्वत मांगने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
जांच की उठी मांग
घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।









