बार-बार मुंह में छाले और आवाज में बदलाव को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ओरल कैंसर के शुरुआती संकेत
मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले, आवाज में बदलाव और सफेद-लाल धब्बे ओरल कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय।

Oral Cancer Symptoms in Hindi : आज कल मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। अक्सर गर्म खाना खाने, मसालेदार भोजन या किसी छोटी चोट की वजह से मुंह में छाले हो जाते हैं, जो कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। इसी तरह सर्दी-जुकाम होने पर आवाज बैठना या बदल जाना भी सामान्य माना जाता है। आम तौर पर पेट की गर्मी की वजह से मुंह का छाला होना माना जाता है।
लेकिन अगर मुंह के छाले बार-बार हों, दो से तीन सप्ताह तक ठीक न हों या बिना सर्दी-जुकाम के लंबे समय तक आवाज में बदलाव बना रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह ओरल कैंसर (Oral Cancer) का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
दिल्ली के हेल्थ केयर इंस्टीच्यूट की डॉ मरियम सिद्दीकी के अनुसार, समय पर लक्षणों की पहचान और जांच से इस गंभीर बीमारी का इलाज आसान और अधिक सफल हो सकता है।
ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण
यदि निम्नलिखित लक्षण लगातार दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए—
• मुंह में बार-बार छाले पड़ना और उनका जल्दी ठीक न होना।
• बिना सर्दी-जुकाम के आवाज का बैठना या भारी होना।
• मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे दिखाई देना।
• मसूड़ों, जीभ या गाल के अंदर सूजन या गांठ महसूस होना।
• मुंह में लगातार घाव बने रहना।
किन कारणों से बढ़ता है ओरल कैंसर का खतरा?
ओरल कैंसर के सबसे बड़े जोखिम कारकों में शामिल हैं—
• तंबाकू, गुटखा और पान मसाला का सेवन।
• धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन।
• मुंह की साफ-सफाई का ध्यान न रखना।
• दांत और मसूड़ों की समस्याओं का लंबे समय तक इलाज न कराना।
इन आदतों के कारण मुंह की कोशिकाओं को लगातार नुकसान पहुंचता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराएं—
• छाले 2–3 सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें।
• घाव का आकार धीरे-धीरे बढ़ने लगे।
• चबाने या निगलने में परेशानी हो।
• दांत बिना किसी स्पष्ट कारण के ढीले होने लगें।
• तेजी से वजन कम होने लगे।
• लगातार कमजोरी और थकान महसूस हो।
आवाज में बदलाव को हल्के में न लें
अगर आपकी आवाज लंबे समय तक बैठी रहती है या भारी हो गई है और इसके पीछे सर्दी-जुकाम जैसी कोई वजह नहीं है, तो यह गले या मुंह से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
समय पर पहचान से बढ़ जाती है इलाज की सफलता
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ओरल कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो इसके इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। बीमारी की पुष्टि के लिए डॉक्टर मुंह की जांच, बायोप्सी और अन्य आवश्यक जांच कराने की सलाह देते हैं। जितनी जल्दी बीमारी का पता चलता है, उपचार उतना ही प्रभावी और आसान होता है।
मुंह में होने वाले सामान्य छाले अक्सर कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन यदि छाले लंबे समय तक बने रहें, आवाज में लगातार बदलाव हो या मुंह के अंदर सफेद-लाल धब्बे दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से जांच कराना गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।









