राज्यस्तरीय स्वास्थ्य कर्मियों में भारी आक्रोश, तबादला आदेश वापस लेने की मांग; निदेशक प्रमुख को सौंपेंगे विरोध पत्र
Widespread outrage among state-level health workers; demand to withdraw transfer orders; protest letter to be submitted to the Director-in-Chief.

रांची: स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल के दिनों में प्रयोगशाला प्राविधिक (Lab Technician), फार्मासिस्ट, GNM, नेत्र सहायक , लिपिक समेत अन्य राज्यस्तरीय कर्मियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने के बाद विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के तहत कई कर्मियों को नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
इन स्थानांतरण आदेशों का ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि राज्यस्तरीय कर्मियों का इस प्रकार किया गया स्थानांतरण कर्मचारियों के हित में नहीं है। संगठन ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं और सेवा संबंधी परिस्थितियों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया।
ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन ने इस आदेश का कड़ा विरोध करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने ऑन लाइन के माध्यम से स्थानांतरण आदेश पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही स्पष्ट कहा है कि इस संबंध में जल्द ही निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की आपत्तियों और मांगों से अवगत कराया जाएगा।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि विभाग ने कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और स्थानांतरण आदेश वापस नहीं लिया, तो राज्यभर के स्वास्थ्य कर्मियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसोसिएशन की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस विरोध के बीच क्या फैसला लेता है।









