झारखंड स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर पर महाबवाल! स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, AJPMA ने निदेशक प्रमुख को लिखा पत्र, आदेश तत्काल रद्द करने की रखी मांग
Major uproar over transfers in the Jharkhand Health Department! Health workers have launched a protest against the government; AJPMA has written to the Director-in-Chief, demanding the immediate cancellation of the order.

रांची: झारखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी राज्यस्तरीय स्वास्थ्य कर्मियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण आदेश का विरोध तेज हो गया है। ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन (AJPMA) ने निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, झारखंड को पत्र भेजकर इस स्थानांतरण आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। कर्मी अपने आक्रोश को आंदोलन में बदलने की तैयारी में जुट गए हैं। एसोसिएशन के राज्य कमिटी ने सभी जिला को निर्देश दिया है कि अपने अपने जिलों में बैठक कर सभी को एकजुट रखे ताकि कभी भी रांची कुछ किया जा सके।
एसोसिएशन के महासचिव उपेंद्र कुमार सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि फार्मासिस्ट, जीएनएम, एएनएम, प्रयोगशाला प्राविधिक, नेत्र सहायक, लिपिक समेत विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों के तबादले से पूरे राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक संकट उत्पन्न हो गया है।
पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में बच्चों का शैक्षणिक सत्र चल रहा है। ऐसे में अचानक स्थानांतरण होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी और शिक्षा के अधिकार (RTE) की भावना पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। वहीं बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल जैसी पारिवारिक जिम्मेदारियां भी प्रभावित होंगी।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि पहले दिए गए मांग पत्रों पर विचार किए बिना मनमाने तरीके से कर्मियों का स्थानांतरण आदेश जारी किया गया, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। संगठन ने सरकार से मानवीय आधार पर पूरे स्थानांतरण आदेश की पुनः समीक्षा कर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के स्थानांतरण आदेश को लेकर लगातार विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। ऐसे में अब यह मामला प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बड़ा विवाद बनता नजर आ रहा है। सरकार इस मांग पर क्या फैसला लेती है, इस पर पूरे राज्य के हजारों स्वास्थ्य कर्मियों की निगाहें टिकी हुई हैं।









