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शिक्षक को मौत के बाद भी मिलता रहा वेतन! मृत शिक्षक के नाम पर निकाले गए 14.65 लाख, आरोपी शिक्षक निलंबित

बोकारो के पेटरवार स्थित स्कूल में दिवंगत शिक्षक के नाम पर तीन फर्जी बिल बनाकर 14.65 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया है। आरोपी शिक्षक निलंबित, जांच कमेटी गठित।

School Teacher News। झारखंड में एक और वेतन घोटाला सामने आया है। पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग के बाद अब शिक्षा विभाग में भी वेतन घोटाला हुआ है। बोकारो जिले में सरकारी राशि के कथित गबन का एक और बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस विभाग के वेतन भुगतान में अवैध निकासी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब शिक्षा विभाग में लाखों रुपये के फर्जी भुगतान का खुलासा हुआ है।

आरोप है कि पेटरवार प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सदमाकला में वर्ष 2021 में दिवंगत शिक्षक के नाम पर तीन अलग-अलग बिल तैयार कर करीब 14.65 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) अतुल चौबे ने मामले की पुष्टि करते हुए जांच कमेटी गठित करने और आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की जानकारी दी है।

दिवंगत शिक्षक के नाम पर बने तीन बिल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिवंगत शिक्षक संतोष कुमार शर्मा के नाम पर तीन अलग-अलग बिल तैयार किए गए और उनके आधार पर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। विभाग का मानना है कि यह सरकारी धन के गबन का गंभीर मामला है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

आरोपी शिक्षक सस्पेंड, लेकिन FIR का इंतजार

विभाग ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया है, लेकिन अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

जून से चल रही थी जांच

डीएसई अतुल चौबे ने बताया कि यह मामला जून महीने से विभाग के संज्ञान में था। जांच के दौरान पता चला कि गलत तरीके से राशि निकाली गई है। अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या पिछले वर्षों में भी इसी तरह की अवैध निकासी हुई थी और इस पूरे प्रकरण में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं है।उन्होंने कहा कि तीन बिलों के माध्यम से लगभग 12 से 14 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थापना उप समाहर्ता को जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कई लोगों की भूमिका की भी होगी जांच

शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच केवल एक शिक्षक तक सीमित नहीं रहेगी। भुगतान प्रक्रिया में शामिल सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी धन के कथित गबन का यह मामला अब बोकारो के चर्चित वित्तीय घोटालों में शामिल हो गया है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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