close
LIVE UPDATE

बड़ी खबर: JPSC-JSSC के अनशनकारियों में एक की तबीयत बिगड़ी, गंभीर हालत में अस्पताल किया गया रेफर, स्वास्थ्य मंत्री भी मौके पर….

Breaking News: Health of one of the JPSC-JSSC hunger strikers deteriorates; referred to the hospital in critical condition; Health Minister also at the scene...

रांची। छात्र आंदोलन के बीच से एक बड़ी खबर आ रही है। वार्ता की सुगबुगाहट के बीच रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। इसी दौरान पलामू निवासी राहुल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल एंबुलेंस से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए आईसीयू (ICU) में भर्ती कर इलाज शुरू किया है।

 

स्वास्थ्य मंत्री और प्रशासन हुआ सक्रिय

इधर, राहुल की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सदर अस्पताल पहुंचने के लिए रवाना हुए। वहीं, प्रशासन भी हरकत में आ गया। एसडीओ और एसडीएम अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से राहुल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने इलाज की व्यवस्था का जायजा लेते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

धरनास्थल पर मेडिकल टीम की मांग

इस घटनाक्रम को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों की तबीयत लगातार खराब हो रही है, लेकिन धरनास्थल पर पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। छात्रों ने मांग की कि धरनास्थल पर 24 घंटे डॉक्टर और मेडिकल टीम की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

 

विधानसभा से सड़क तक गरमाया मुद्दा

उधर, झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भी JPSC-JSSC भर्ती अनियमितता का मुद्दा जोर-शोर से उठा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले की CBI जांच, अदालत की निगरानी में जांच और 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग दोहराई। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

 

अब यह मामला विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक और सामाजिक रूप से गरमा गया है। एक ओर विपक्ष CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़ा है, वहीं दूसरी ओर आंदोलनकारी छात्र निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *