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Raksha Bandhan 2026: 29 साल बाद ऐसा संयोग, पूरे दिन बांध सकेंगे राखी; जानिए शुभ मुहूर्त, भद्रा और चंद्रग्रहण का पूरा सच

Raksha Bandhan 2026 इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। 29 साल बाद भद्रा दोष नहीं रहेगा। जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, पूर्णिमा तिथि, चंद्रग्रहण और सूतक से जुड़ी पूरी जानकारी।

Raksha Bandhan 2026 Date, Shubh Muhurat, Bhadra Time, Chandra Grahan | रक्षाबंधन 2026। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। लेकिन, हर बार जैसे ही रक्षाबंधन करीब आता है, बहनें शुभ मुहूर्त को जानने में जुट जाती है। हर साल भद्रा का साया रक्षाबंधन को प्रभावित करता ही है। लेकिन, साल 2026 का रक्षाबंधन कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है। इस बार बहनों को राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सबसे बड़ी बात यह है कि करीब 29 साल बाद रक्षाबंधन का पर्व भद्रा दोष से पूरी तरह मुक्त रहेगा, इसलिए पूरे दिन कभी भी राखी बांधना शुभ माना जाएगा।इतना ही नहीं, रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्रग्रहण भी लगेगा, लेकिन राहत की बात यह है कि इसका भारत में कोई प्रभाव नहीं होगा। ऐसे में सूतक काल भी मान्य नहीं रहेगा और राखी का पर्व बिना किसी बाधा के पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

29 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। सामान्यतः भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है, इसलिए हर साल शुभ मुहूर्त को लेकर असमंजस बना रहता है। लेकिन 2026 में यह चिंता पूरी तरह खत्म हो गई है।महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार, इस वर्ष बहनें पूरे दिन अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। किसी विशेष समय का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी।

कब है रक्षाबंधन 2026?

पंचांग के अनुसार—
• पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त 2026, सुबह 9:08 बजे
• पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त 2026, सुबह 9:48 बजे
सनातन परंपरा में उदयातिथि को विशेष महत्व दिया जाता है। चूंकि 28 अगस्त की सुबह सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिए रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।

राखी बांधने का सबसे शुभ समय

हालांकि पूरे दिन राखी बांधना शुभ रहेगा, लेकिन ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सुबह का समय सबसे अधिक फलदायी माना गया है।
विशेष शुभ मुहूर्त:
• सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक
यह लगभग 3 घंटे 51 मिनट का अत्यंत शुभ समय रहेगा।

27 अगस्त को क्यों नहीं बांधनी चाहिए राखी?

27 अगस्त को पूर्णिमा तिथि शुरू होने के साथ ही भद्रा का प्रभाव सुबह 9:08 बजे से रात 9:32 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता।इसी कारण 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा, जब भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो चुकी होगी।

रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्रग्रहण, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं

इस बार रक्षाबंधन के दिन वर्ष का दूसरा आंशिक चंद्रग्रहण भी लगेगा।
चंद्रग्रहण का समय
• प्रारंभ: सुबह 6:53 बजे
• समाप्त: दोपहर 12:31 बजे
• कुल अवधि: लगभग 5 घंटे 39 मिनट

हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह पश्चिमी एशिया, यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देता, उसका सूतक मान्य नहीं होता। इसलिए रक्षाबंधन के पर्व और पूजा-पाठ पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इस बार बन रहे हैं शुभ योग

रक्षाबंधन 2026 पर अतिगंड योग और सौम्य योग का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह शुभ कार्यों, पारिवारिक सौहार्द और मंगल कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इसी दिन संस्कृत दिवस भी मनाया जाएगा।

क्यों खास रहेगा रक्षाबंधन 2026?

• 29 साल बाद भद्रा दोष से पूरी तरह मुक्त रक्षाबंधन
• पूरे दिन राखी बांधने की सुविधा
• सुबह का विशेष शुभ मुहूर्त
• भारत में चंद्रग्रहण का कोई प्रभाव नहीं
• सूतक काल मान्य नहीं होगा
• अतिगंड और सौम्य योग का शुभ संयोग

रक्षाबंधन 2026 उन दुर्लभ वर्षों में शामिल होगा, जब भद्रा, सूतक और ग्रहण जैसी सभी आशंकाएं दूर रहेंगी। ऐसे में बहनें पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ किसी भी समय अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी और पर्व का आनंद बिना किसी भ्रम के मना सकेंगी।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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