रांची-फांसी की सजा: 7 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा, POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला
रांची में 7 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी नेसार अंसारी को POCSO की विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। जानिए 2020 के इस जघन्य मामले में कोर्ट का फैसला।

रांची। झारखंड की राजधानी रांची कोर्ट ने रेप के दोषियों के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाया है। रांची से मानवता को झकझोर देने वाले सात साल पुराने जघन्य अपराध के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के दोषी नेसार अंसारी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई गई है।
पॉक्सो की विशेष अदालत ने यह सजा सुनाते हुए मामले को बेहद गंभीर और जघन्य अपराध माना।अदालत ने 10 अगस्त 2026 को नेसार अंसारी को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह के जघन्य अपराध के लिए फांसी की सजा से कम दंड पर्याप्त नहीं हो सकता।
2020 में हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात
दरअसल यह मामला वर्ष 2020 का है और रांची के रातू थाना क्षेत्र के परेहपाट से जुड़ा हुआ है। आरोप के अनुसार, आरोपी ने सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी थी। वारदात के बाद मासूम के शव को एक बोरे में भरकर खेत में फेंक दिया गया था।
जब ग्रामीणों को बच्ची का शव मिला तो इलाके में आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताया और माहौल तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया-बुझाया और स्थिति को नियंत्रित किया।
गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद था आरोपी
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए नेसार अंसारी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी जेल में बंद था। मामले की सुनवाई पॉक्सो की विशेष अदालत में चली और अब अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
बच्ची के जनाजे में शामिल हुए थे तत्कालीन ग्रामीण एसपी
इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बच्ची के जनाजे में तत्कालीन ग्रामीण एसपी नौसाद आलम भी शामिल हुए थे और उन्होंने मासूम के पार्थिव शरीर को कंधा दिया था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की थी।
जघन्य अपराध में कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
सात साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। अब वर्षों बाद अदालत के फैसले से मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। पॉक्सो कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है।












