10 करोड़ की लूट : ज्वेलरी शॉप में 10 करोड़ की लूट से मचा तहलका, लूटकांड का बिहार कनेक्शन आया सामने, युवती को भगाकर रचायी थी शादी, अब…
10 crore robbery: 10 crore rupees robbery at a jewellery shop creates panic, Bihar connection of the robbery comes to light, the girl was kidnapped and married, now...

Crime News/19.1.25 : 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट की वारदात ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस का मुख्य आरोपी ऋषिकेश कुमार उर्फ छोटू सिंह बताया जा रहा है, जो बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र का रहने वाला है। आरोप है कि फिल्मी अंदाज में 10 करोड़ की चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। ये पूरी घटना कर्नाटक के मैसूर जिले की है।
पुलिस ने मास्टरमाइंड छोटू सिंह को दरभंगा से गिरफ्तार किया है। कर्नाटक के मैसूर जिले के हुनासुर कस्बे में 28 दिसंबर 2025 को हुई करीब 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट के मामले की पुलिस जांच कर रही थी, इसी घटनाक्रम में अब पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हाई-प्रोफाइल लूटकांड में शामिल मुख्य आरोपी ऋषिकेश कुमार उर्फ छोटू सिंह को कर्नाटक पुलिस की स्पेशल टीम ने बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।
इस गिरफ्तारी को पुलिस ने पूरी तरह फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया, जिसकी चर्चा अब इलाके में जोरों पर है। 28 दिसंबर को दोपहर करीब 2:04 बजे दो बाइक पर सवार लुटेरे हुनासुर स्थित स्काई गोल्ड ज्वेलरी शोरूम में दाखिल हुए थे। हथियारों के बल पर उन्होंने शोरूम स्टाफ को डराया और महज 5 मिनट के भीतर 8 किलो 34 ग्राम सोने और हीरे के कीमती आभूषण लूटकर फरार हो गए।
लूटे गए आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई। वारदात के तुरंत बाद शोरूम मालिक ने हुनासुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।मामले की गंभीरता को देखते हुए मैसूर पुलिस ने डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पांच इंस्पेक्टरों की पांच विशेष जांच टीमें गठित कीं। इन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लुटेरों की पहचान शुरू की।
जांच के दौरान भागलपुर जिले के नवगछिया थाना क्षेत्र निवासी पंकज सिंह उर्फ सतुआ का नाम सामने आया, जिसे कर्नाटक एसटीएफ, पटना एसटीएफ और भागलपुर एसटीएफ की संयुक्त टीम ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पंकज से हुई पूछताछ में ऋषिकेश कुमार उर्फ छोटू सिंह का नाम उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस की नजर हायाघाट पर टिक गई।
कर्नाटक पुलिस की स्पेशल टीम ने करीब एक सप्ताह तक हायाघाट क्षेत्र में सिविल ड्रेस में रहकर गुप्त रैकी की। पुलिसकर्मी कभी आम नागरिक बनकर बैंक जाते नजर आए, कभी खेतों में घूमते दिखे, तो कभी आम के बगीचों में रात गुजारते पाए गए। कुछ पुलिसकर्मी मछली बेचने वाले या ताश खेलने वाले ग्रामीणों के रूप में भी इलाके में सक्रिय रहे। इस दौरान किसी को जरा भी अंदेशा नहीं हुआ कि वे पुलिसकर्मी हैं। पूरी लोकेशन और गतिविधियों की पुष्टि के बाद ही गिरफ्तारी की योजना बनाई गई।
आखिरकार, तय रणनीति के तहत करीब 12 पुरुष पुलिसकर्मियों और एक महिला पुलिसकर्मी की टीम ने उस वक्त छोटू सिंह को दबोच लिया, जब वह अपने कुछ दोस्तों के साथ ताश खेल रहा था। गिरफ्तारी पूरी तरह शांत, सतर्क और योजनाबद्ध तरीके से की गई, ताकि किसी तरह की अफरातफरी न मचे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ऋषिकेश कुमार उर्फ छोटू सिंह का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उस पर हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि वह दिल्ली में ऑटो चलाकर जीवनयापन करता था और लोन पर लिए गए ऑटो से होने वाली कमाई गांव भेजता था। पुलिस जांच में उसके इंटरस्टेट क्राइम नेटवर्क से जुड़े होने के भी संकेत मिल रहे हैं।हालांकि, गिरफ्तारी के बाद आरोपी की पत्नी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
उसने अपने पति को निर्दोष बताते हुए कहा कि छोटू सिंह दिल्ली में ईमानदारी से ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसने बताया कि दोनों ने करीब आठ साल पहले कोर्ट मैरिज की थी और उसके पहले पति की मौत हो चुकी है, जिससे उसकी तीन संतानें हैं।कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। लूटे गए सोने-हीरे की बरामदगी के साथ-साथ इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।









