स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा पत्र, CM हेमंत सोरेन से सीखने की दी नसीहत, पढ़िए क्या लिखा पत्र में…
Health Minister Dr. Irfan Ansari wrote a letter to Chief Minister Nitish Kumar, advising him to learn from CM Hemant Soren. Read what was written in the letter...

Ranchi 30.12.25: हमेशा सुर्खियों में रहने वाले झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। कांग्रेस कोटे से झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने पार्टी लाइन से हटकर बिहार में 20 वर्षों से मुख्यमंत्री मंत्री की पत्र लिखकर कई सलाह दी है। उन्होंने ये पत्र अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर शेयर किया है।
मंत्री इरफान अंसारी ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना घमंडी इंसान से की है साथ ही आचरण और व्यवहार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीखने की सलाह भी दी है। पत्र को नीतीश कुमार के सोशल मीडिया अकाउंट से भी टैग किया है।
यहां देखें पत्र ….
आदरणीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी,@NitishKumar
बिहार सरकार
सादर प्रणाम।
मैं अत्यंत विनम्रता और गहरी पीड़ा के साथ आपको यह पत्र लिख रहा हूँ। मेरा उद्देश्य किसी प्रकार का व्यक्तिगत आक्षेप करना नहीं है, बल्कि एक अत्यंत संवेदनशील विषय पर आपका ध्यान आकृष्ट करना है, ताकि लोकतंत्र, संविधान और मानवीय मूल्यों की गरिमा बनी रहे।
झारखंड की संस्कृति, संस्कार और पहचान सदा से मानवता, समानता और आपसी सम्मान की प्रतीक रही है। खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री हेमंत सोरेन जी @HemantSorenJMM का आचरण, उनका सरल स्वभाव और आम जनता से मिलने-जुलने का तरीका यह सिखाता है कि पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, इंसानियत उससे कहीं ऊपर होती है। उनके व्यवहार में न कोई अहंकार है, न सत्ता का दंभ—बल्कि ऐसा अपनापन है कि मन स्वतः झुककर प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेने को प्रेरित हो जाता है।
सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन सत्ता में रहते हुए किए गए कार्य और अपनाया गया व्यवहार ही व्यक्ति को महान बनाते हैं। इतिहास साक्षी है कि जनता ने कभी भी घमंड, भेदभाव और किसी भी वर्ग को नीचा दिखाने की मानसिकता को स्वीकार नहीं किया है।
हाल ही में एक अल्पसंख्यक बच्ची के साथ जिस प्रकार की घटना सामने आई है, उसने न केवल मुझे, बल्कि पूरे देश को गहरा दुःख और पीड़ा पहुँचाई है। एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से ऐसी असंवेदनशीलता की अपेक्षा कदापि नहीं की जाती।
आपने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय यह वचन दिया था कि आप संविधान में पूर्ण आस्था रखेंगे, सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करेंगे, विधि के अनुसार न्याय करेंगे और किसी को अपमानित नहीं होने देंगे। यही शपथ लोकतंत्र में जनता के विश्वास की आधारशिला होती है।
इंसान होना ही सबसे बड़ी पहचान है। गरीब होना कोई पाप नहीं होता। किसी भी व्यक्ति के पहनावे पर उंगली उठाना न केवल असंवेदनशील है, बल्कि असंवैधानिक भी है। हर धर्म का अपना पहनावा, अपनी परंपरा और अपना सम्मान होता है। इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि किसी भी व्यक्ति—विशेषकर बहनों और बेटियों—के सम्मान को कभी ठेस न पहुँचाई जाए।
मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि सत्ता में रहते हुए व्यवहार में समानता, संवेदनशीलता और करुणा को सर्वोपरि रखें। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो—यही देशहित और समाजहित में होगा।
साथ ही, मेरा सुझाव है कि आप हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री हेमंत सोरेन जी से एक बार अवश्य मिलें और उनके नेतृत्व, व्यवहार तथा मानवीय दृष्टिकोण से कुछ सीखें। इससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
इसी आशा और विश्वास के साथ।
आपका
इरफान अंसारी
मंत्री, झारखंड सरकार








