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चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, थाना प्रभारी पर भी गिरेगी गाज, 1 किलो सोना लूट मामले में बड़ी कार्रवाई, ट्रेन में हुई लूट में पुलिसकर्मियों की भूमिका मिली संदिग्ध, जांच अभी जारी

Four policemen suspended, station in-charge also faces action, major action taken in 1 kg gold robbery case, police personnel's role in train robbery suspected, investigation ongoing

Police Suspend  31 दिसंबर  25: ट्रेन से एक किलो सोना लूट मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। हावड़ा–जोधपुर (बीकानेर) सुपरफास्ट एक्सप्रेस से एक किलो सोना की लूट हो गयी थी। मामले की जांच के दौरान इस कांड से जुड़ी चौकाने वाली जानकारी आयी है। रेल पुलिस गयाजी रेल थाना में पदस्थापित चार जीआरपी कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन का आदेश रेल पुलिस अधीक्षक, पटना की ओर से जारी किया गया है। साथ ही तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आपको बता दें कि पूरा मामला पिछले महीने 21 नवंबर का है, जहां ट्रेन संख्या 22307 हावड़ा–जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कानपुर के एक सोना कारोबारी के कुरियर कर्मी के साथ मारपीट कर उससे एक किलो सोना लूट लिया गया था। बाद में रेल थाना गयाजी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी के मुताबिक कोडरमा-गयाजी रेलखंड के बीच चार अज्ञात पुलिसकर्मियों ने कुरियर कर्मी को ट्रेन से उतारकर उसके पास से सोना छीन ले गये।

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गंभीर शिकायत को लेकर जांच शुरू की गयी, जिसके बाद टेक्निकल एविडेंस, कॉल रिकार्ड, और टावर लोकेशन के आधार पर सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह समेत कई जीआरपी कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली। संदिग्ध पाए गए लोगों में सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार, आनंद मोहन, परवेज आलम, चालक सीताराम का नाम भी शामिल है।

आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए जाने के बाद सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, उपनिरीक्षक-सह-थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के निलंबन का प्रस्ताव वरीय अधिकारियों को भेजा गया है, जिस पर जल्द निर्णय लिए जाने की संभावना है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी को लूट में शामिल सभी आरोपितों की भूमिका की गहन जांच कर साक्ष्य जुटाने का निर्देश दिया गया है। रेल पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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