झारखंड शिक्षक का संशोधित रिजल्ट हुआ जारी, सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुआ संशोधन, कई अभ्यर्थियों की श्रेणी और जिला आवंटन में होगा बदलाव
Jharkhand teacher's revised result has been released, following orders from the Supreme Court and High Court. Many candidates will face changes in their category and district allocation.

रांची। झारखंड में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड के निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के आधार पर झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का संशोधित परीक्षाफल जारी कर दिया गया है। संशोधित परिणाम के तहत इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1 से 5) तथा स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 6 से 8) के विभिन्न पदों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह संशोधन मुख्य रूप से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 8259/2019, Govt. of NCT Delhi and Others Vs. Pradeep Kumar and Others मामले में 24 अक्टूबर 2019 को दिए गए फैसले के आधार पर किया गया है। इसी आदेश के अनुपालन में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने अगस्त 2025 में कई निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद संशोधित परिणाम तैयार किया गया।
संशोधित परिणाम के तहत जेटेट (JTET) में आरक्षण के आधार पर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी से उनकी वास्तविक आरक्षित श्रेणी में स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा पारा कोटि के उन अभ्यर्थियों को भी उनकी संबंधित आरक्षण श्रेणी में समायोजित किया गया है, जिन्होंने अधिकतम आयु सीमा में छूट और अन्य रियायतों का लाभ लिया था। इस प्रक्रिया के बाद आयोग ने संशोधित मेरिट सूची और अन्य जरूरी बदलाव प्रकाशित किए हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में Govt. of NCT Delhi and Others Vs. Pradeep Kumar and Others के फैसले के साथ-साथ झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित और निष्पादित कई याचिकाओं के आदेशों को भी शामिल किया गया है। इनमें WP(S) No. 4049/2023, बहादुर महतो एवं अन्य बनाम स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, WP(S) No. 5594/2023, डमरूधर साहु एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य तथा WP(S) No. 3543/2025, गिरिधर कुमार राउत एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य जैसे मामले प्रमुख हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि संशोधित परिणाम के कारण सफल अभ्यर्थियों के आवंटित जिलों और श्रेणियों में बदलाव संभव है। कई उम्मीदवारों को नए सिरे से जिला आवंटन किया जा सकता है। वहीं कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम अभी भी लंबित रखा गया है।
विशेष रूप से WP(S) No. 3337/2025, बिप्लब दत्ता एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले में पारित आदेश के आलोक में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य पद के कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम फिलहाल रिक्तियों सहित रोक दिया गया है। इस मामले में दायर अपील याचिका LPA No. 510/2025 पर आने वाले निर्णय के बाद आगे संशोधन संभव बताया गया है।


इसके अलावा आयोग ने यह भी जानकारी दी है कि कुछ अभ्यर्थियों के अनिवार्य प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों की अनुपलब्धता अथवा अस्पष्टता के कारण उनका परिणाम फिलहाल लंबित रखा गया है। संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के बाद आयोग के निर्णय के आधार पर उनके परिणाम में भी संशोधन किया जा सकता है।









