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झारखंड: CHC में इंस्पेक्शन के दौरान डीसी हुए नाराज, स्टोरकीपर को 24 घंटे का अल्टीमेटम, चिकित्सा प्रभारी को भी कड़े निर्देश, ब्लाक में इंस्पेक्शन के दौरान BDO को….

Jharkhand: DC gets angry during inspection at CHC, gives 24-hour ultimatum to storekeeper, strict instructions to medical in-charge, BDO gets angry during inspection at block....

जामताड़ा/24.5.26। डीसी ने इंस्पेक्शन के दौरान लापरवाही पर तीखी नाराजगी जतायी। उपायुक्त आलोक कुमार ने नारायणपुर प्रखंड के कई शासकीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रखंड सह अंचल कार्यालय, एफसीआई गोदाम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और कुपोषण उपचार केंद्र का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर लापरवाही और अव्यवस्था सामने आई, जिस पर डीसी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत नारायणपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय से हुई। यहां परिसर में फैली गंदगी और दीवारों पर लगे पान के दाग देखकर उपायुक्त नाराज हो गए। उन्होंने बीडीओ देवराज गुप्ता को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कार्यालय परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

सभागार के सौंदर्याकरण के निर्देश

डीसी ने कार्यालय परिसर और सभागार की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सभागार के सौंदर्याकरण और बेहतर रखरखाव पर जोर देते हुए अधिकारियों से कहा कि सरकारी भवनों की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि वहां आने वाले लोगों में सकारात्मक संदेश जाए।उन्होंने कर्मचारियों को कार्यालय परिसर को व्यवस्थित और साफ-सुथरा रखने की हिदायत दी।

एफसीआई गोदाम की व्यवस्था पर संतोष

इसके बाद उपायुक्त ने एफसीआई गोदाम पहुंचकर वहां खाद्यान्न भंडारण और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में रखरखाव और प्रबंधन को लेकर उन्होंने संतोष जताया। अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार बनाए रखने को कहा गया।

अस्पताल में ओपीडी से लेकर लैब तक की जांच

औचक निरीक्षण का सबसे अहम हिस्सा नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहा। यहां उपायुक्त ने ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, कोल्ड चेन सिस्टम, लैब और दवा भंडारण व्यवस्था की विस्तार से जांच की। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, साफ-सफाई और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में कई जरूरी रिकॉर्ड और दवा स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की गई। डीसी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी जाएं और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

दवा स्टॉक में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के संकेत

जांच के दौरान मेडिसिन स्टोर में दवाओं का स्टॉक सही तरीके से मेंटेन नहीं होने का मामला सामने आया। रिकॉर्ड और उपलब्ध दवाओं के बीच मिलान नहीं होने पर उपायुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही माना।उन्होंने संबंधित स्टोरकीपर से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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