झारखंड- रेपिस्ट को 20 साल जेल: पिज्जा खाने गयी लड़की से किया था रेप, बलात्कारी को 20 साल की जेल के साथ देना होगा जुर्माना…
Jharkhand: Rapist sentenced to 20 years in prison: Rapist sentenced to 20 years in prison and fined for raping a girl who had gone to eat pizza.

रांची। दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनायी है। विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में ये फैसला दिया है। दोषी उमेंद्र राय को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने आरोपी पर 35 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह पूरा मामला डोरंडा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। मामले की सुनवाई बीके श्रीवास्तव की अदालत में हुई। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई।
19 मई को दोषी ठहराया गया था
अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 19 मई को ही आरोपी उमेंद्र राय को दोषी घोषित कर दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 20 साल के कठोर कारावास का आदेश दिया। आरोपी 18 अगस्त 2023 से न्यायिक हिरासत में है और उसी समय से जेल में बंद है।
सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों को देखते हुए आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ इस तरह के अपराध गंभीर श्रेणी में आते हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।
पिज्जा खाने निकली थी नाबालिग
अभियोजन पक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, घटना 13 अगस्त 2023 की है। डोरंडा क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की घर से हिनू चौक पर पिज्जा खाने जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान आरोपी उमेंद्र राय ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया।रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी नाबालिग को तुपुदाना स्थित एक किराए के मकान में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में पीड़िता का बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी पाया।झारखंड पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।









