झारखंड में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, शराब निर्माण की वजह से हुआ हादसा, जहरीली गैस की चपेट में आये सभी…
Three members of the same family died in Jharkhand, the accident occurred due to the production of liquor, all were affected by poisonous gas...

Hazaribag News: झारखंड के हजारीबाग में बड़ा हादसा हो गया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी। हादसा हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र की ये पूरी घटना है। बताया जा रहा है कि अवैध महुआ दारू बनाने के दौरान ये घटना घटी है। सेफ्टी टैंक में जमा जहरीली गैस की चपेट में आने से ये पूरा हादसा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान 44 वर्षीय मदन साव, 26 वर्षीय रवि साव और 50 वर्षीय चमेली देवी के रूप में हुई है। वहीं आनंद साव गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि आनंद साव के अर्धनिर्मित मकान के सेफ्टी टैंक का इस्तेमाल जावा महुआ गलाने के लिए किया जा रहा था। टैंक के भीतर प्लास्टिक की कई बाल्टियों में महुआ रखा हुआ था, जो शराब बनाने में इस्तेमाल होना था। आनंद साव टैंक के अंदर रखी एक बाल्टी निकालने के लिए सीढ़ी के सहारे नीचे उतरे। लेकिन टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस की चपेट में आते ही वह बेहोश होकर गिर पड़े।
काफी देर तक जब आनंद साव बाहर नहीं आए तो उनकी पत्नी चमेली देवी घबरा गईं। पति को बचाने के लिए वह भी टैंक के अंदर उतर गईं, लेकिन कुछ ही क्षणों में वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गईं। करीब आधे घंटे तक दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिवार के अन्य सदस्यों को चिंता हुई। जब वे अर्धनिर्मित मकान पहुंचे तो देखा कि दोनों टैंक के भीतर अचेत पड़े हैं।
इसके बाद माता-पिता को बचाने के लिए उनका बेटा रवि साव टैंक में उतर गया, लेकिन वह भी जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया।लगातार तीन लोगों के बेहोश होने से परिवार और आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। इसके बाद आनंद साव के भाई मदन साव रस्सी लेकर टैंक में उतरे ताकि अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सके, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर गिर पड़े। देखते ही देखते पूरा परिवार इस भयावह हादसे का शिकार हो गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सेफ्टी टैंक के आसपास की दीवार तोड़ने के लिए जेसीबी और हैमर मशीन मंगाई गई। जहरीली गैस के असर को कम करने के लिए टेबल फैन चलाए गए और ऑक्सीजन सिलेंडर का भी इस्तेमाल किया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने चमेली देवी, रवि साव और मदन साव को मृत घोषित कर दिया, जबकि आनंद साव को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।









