रांची: दागी व भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर गिरने वाली है गाज, नहीं सौंपी जायेगी फील्ड की जिम्मेदारी, तैयार हो रही है कुंडली

रांची। दागी और भ्रष्ट अफसरों पर अब गाज गिरने वाली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद वैसे अफसर की कुंडली तैयार हो रही है जो दागदार रहे हैं, जिन पर लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। मुख्यमंत्री निर्देश के बाद दागी पदाधिकारी को फील्ड से हटाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस विभाग से इसकी शुरुआत हो रही है।
खासकर थानेदार और जूनियर अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। लिस्ट में उन पदाधिकारी के भी नाम हैं जो अपने काम के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है, जिसकी वजह से थानों में केस पेंडिंग होते हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यालय की तरफ से वैसे पदाधिकारी की गोपनीय रिपोर्ट भी ली जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक आने वाले समय में जब राज्य में बड़े पैमाने पर थानेदारों का तबादला होगा, तो उन दागी पदाधिकारी को जिले से हटकर इकाइयों में पदस्थ किया जाएगा। मिल रही जानकारी के मुताबिक पूर्व में आ रही शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया है। पिछले दिनों बोकारो में एक छात्रा के अपहरण के मामले में भी थानेदार अभिषेक रंजन और अनुसंधानकर्ता अनिकेत कुमार पर गंभीर आरोप लगे थे।
मामले में हाई कोर्ट में भी संज्ञान लिया था और कड़ी फटकार लगाई थी, जिसके बाद पूरे थाने के 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। उसी तरह चतरा जिले से भी एक ऐसी ही शिकायतें आई थी, जिसमें सड़क दुर्घटना मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद में ₹30,000 की रिश्वत मांगी गई थी।
मामले में ऑडियो भी सामने आया था, जिसके बाद थानेदार और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया था। झारखंड में पुलिसकर्मियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने की भी लगातार शिकायतें आ रही है। उन भ्रष्ट अफसरों पर भी अब गाज गिरने वाली है। भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं देने का सरकार ने फैसला ले लिया है।
आपको बता दें कि कई मौके ऐसे आए थे जब भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े गए पुलिस कर्मियों को बाद में महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ कर दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, गैर जिम्मेदार, भ्रष्ट, लापरवाह अफसरों को अब सेंटिंग पोस्ट पर भेजा जाएगा।









