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Shravan Mela 2026: कांवड़ियों को मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधा, NHAI बना रहा 36 KM Dedicated Kanwariya Path

श्रावण मेला 2026 में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले कांवड़ियों के लिए NHAI ने 36 किमी समर्पित कांवड़िया पथ, फोरलेन सड़क, बाईपास और आधुनिक सुविधाओं की तैयारी तेज कर दी है।

श्रावणी मेला 2026: अब कांवड़िये नहीं होंगे सड़क हादसे का शिकार, NHAI तैयार कर रहा कांवड़िया पथ, सड़कें होगी गड्ढ़ामुक्त, फोरलेन सड़क भी होगा तैयार

देवघर। इस बार श्रावणी मेले में कांवड़िये हादसे का शिकार नहीं होंगे। कांवड़ियों के लिए सड़क से अलग कांवड़ियां पथ का निर्माण हो रहा है। श्रावणी मेला में बाबा बैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस बार पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-114A के बासुकीनाथ-देवघर फोरलेन परियोजना के तहत कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।

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आपको बता दें कि इस बार श्रावणी मेले को सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए सरकार ने भी खास इंतजाम किये हैं। जिला प्रशासन पिछले दो महीने से सुविधाओं की समीक्षा कर रहा है। इस साल श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और यात्रा को आसान बनाने के लिए सड़क निर्माण और यात्री सुविधाओं का काम तेज गति से चल रहा है।हर साल श्रावण मास में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लाखों श्रद्धालु पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इसी भीड़ को देखते हुए इस बार NHAI ने कांवड़ियों के लिए कई महत्वपूर्ण इंतजाम किए हैं।

कांवड़ियों के लिए बनेगा अलग समर्पित मार्ग

इस बार की परियोजना की सबसे बड़ी खासियत 36.044 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा डेडिकेटेड कांवड़िया पथ है। इस विशेष मार्ग पर केवल कांवड़ यात्री ही चलेंगे, जबकि सामान्य वाहन अलग सड़क से गुजरेंगे।इस व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम होगी और श्रद्धालुओं को भीड़ और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

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45 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण जारी

एनएच-114A के 45.159 किलोमीटर लंबे बासुकीनाथ-देवघर खंड को फोरलेन बनाया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी।श्रद्धालुओं को शहरों की भीड़भाड़ से बचाने के लिए परियोजना में लगभग 28.677 किलोमीटर लंबे पांच प्रमुख बाईपास बनाए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं—
• बासुकीनाथ बाईपास
• सहारा बाईपास
• तालझारी बाईपास
• घोरमारा बाईपास
• देवघर बाईपास

इनके अलावा सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज (ROB) और अंडरपास का भी निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय और भारी वाहनों का संचालन अलग-अलग किया जा सके।

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श्रावणी मेले से पहले सड़क होगी गड्ढामुक्त

NHAI ने स्पष्ट किया है कि श्रावण मेले की शुरुआत से पहले पूरे मार्ग को गड्ढामुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए विशेष मरम्मत अभियान चलाया जा रहा है।साथ ही इन कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है—
• सड़क की मरम्मत
• बेहतर जल निकासी व्यवस्था
• रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग
• सुरक्षा बैरियर
• आधुनिक संकेतक (Signages)
• मार्ग की साफ-सफाई
• रात्रि यात्रा के लिए बेहतर दृश्यता

श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित और सुगम सफर

NHAI का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। अलग कांवड़िया पथ बनने से पैदल यात्रियों और वाहनों के बीच टकराव की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।परियोजना पूरी होने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम, बाबा बासुकीनाथ मंदिर और त्रिकूट पर्वत जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं आसान हो जाएगी।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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