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झारखंड- पुरानी पेंशन पर बड़ी खबर : रिम्स के डाक्टर-कर्मचारियों मिलेगा OPS, गर्वनिंग बॉडी में लगेगी मुहर, जानिये किन्हें मिलेगा लाभ

रांची रिम्स के करीब 4 हजार डॉक्टरों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) की सौगात मिल सकती है। गवर्निंग बॉडी की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने पर हजारों कर्मचारियों को निश्चित पेंशन का लाभ मिल सकता है।

रांची। रिम्स के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना पर गुड न्यूज मिलने वाली है। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में कार्यरत करीब चार हजार डॉक्टरों और गैरराजपत्रित कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है। वर्षों से लंबित इस मांग पर अब निर्णायक पहल होती दिख रही है। संस्थान की गवर्निंग बॉडी की आगामी बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसे कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा अहम फैसला माना जा रहा है।

गर्वनिंग बॉडी में लगेगी मुहर

इस सबंध में सूत्रों के मुताबिक, रिम्स प्रबंधन पहले ही इस प्रस्ताव के वित्तीय बोझ, कानूनी स्थिति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रारंभिक आकलन कर चुका है। अब अंतिम निर्णय शासी निकाय की बैठक पर निर्भर करेगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो हजारों कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन का लाभ मिलने का रास्ता खुल जाएगा।

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लंबे समय से कर रहे हैं कर्मचारी मांग

रिम्स कर्मचारी लंबे समय से नई पेंशन योजना (NPS) के बजाय पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि एनपीएस पूरी तरह बाजार आधारित व्यवस्था है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि निश्चित नहीं होती। इसके विपरीत ओपीएस कर्मचारियों को अंतिम वेतन के आधार पर तय पेंशन, महंगाई राहत (DR) और अन्य सेवानिवृत्ति सुविधाओं की गारंटी देती है।

रिम्स एक स्वायत्तशासी संस्थान होने के कारण यहां सेवा संबंधी किसी भी बड़े फैसले के लिए गवर्निंग बॉडी की मंजूरी अनिवार्य है। इसके बाद ही राज्य सरकार और वित्त विभाग के स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा सकती हैं।कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि रिम्स में ओपीएस लागू होती है तो यह सिर्फ हजारों कर्मचारियों के लिए राहत नहीं होगी, बल्कि राज्य के अन्य स्वायत्तशासी संस्थानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकती है।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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