Bribery Case: रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थानाध्यक्ष, निगरानी ब्यूरो ने 27 हजार रुपये के साथ किया गिरफ्तार
साम्यागढ़ थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 27 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला और कार्रवाई की पूरी कहानी।

Police Corruption News । घूसखोर पुलिस अफसर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। 27 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को पटना जिले के साम्यागढ़ थाना में बड़ी कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई निगरानी मुख्यालय की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की, जिसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत प्रहलादपुर निवासी मनोज कुमार की शिकायत से हुई। उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के समक्ष आरोप लगाया कि साम्यागढ़ थानाध्यक्ष उनके क्षेत्र में जेसीबी मशीन चलाने के बदले नियमित साप्ताहिक रिश्वत की मांग कर रहे हैं।शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच में शिकायतकर्ता के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को निगरानी थाना में कांड संख्या-085/26 दर्ज कर ट्रैप कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई।
ऐसे बिछाया गया जाल
वरीय पुलिस उपाधीक्षक अरुणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने पूरी योजना के साथ सोमवार को साम्यागढ़ थाना परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही थानाध्यक्ष सौरभ कुमार ने शिकायतकर्ता से 27 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। इसके बाद आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए निगरानी टीम अपने साथ ले गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में यह भ्रष्टाचार से जुड़ी 85वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, ट्रैप कार्रवाई के लिहाज से यह 79वां मामला है। इस वर्ष अब तक ट्रैप मामलों में 79 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और 29 लाख 14 हजार 800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है।यदि पिछले वर्ष की बात करें तो 2025 में कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी। आंकड़े बताते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है।








