close
LIVE UPDATE

Jharkhand Health News: जिला अस्पतालों में बंद होंगी PPP मोड की पैथोलॉजी सेवाएं? स्वास्थ्य विभाग करेगा बड़ी समीक्षा

झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने जिला और सदर अस्पतालों में PPP मोड पर संचालित पैथोलॉजी सेवाओं की समीक्षा का फैसला लिया है। जिन अस्पतालों में सरकारी जांच सुविधा पर्याप्त होगी, वहां निजी एजेंसियों की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएंगी।

Jharkhand PPP Pathology Services। झारखंड सरकार राज्य के सरकारी अस्पतालों को लेकर बड़ा फैसला लेने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की हुई बैठक में इस फैसले को लेकर प्रारंभिक चर्चा हुई। पसरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के जिला और सदर अस्पतालों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर संचालित पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेवाओं को बंद करने का फैसला लिया है। हालांकी ये चरणबद्ध तरीके से बंद होगी। स्वास्थ्य विभाग की हुई बैठख में कहा गया है कि पीपीपी मोड पर चल रही पैथ लैब की व्यापक समीक्षा की जायेगी।

जिन अस्पतालों में सरकारी स्तर पर जांच की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है, वहां निजी एजेंसियों द्वारा संचालित सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा।यह निर्णय गुरुवार को आयोजित झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) की 19वीं बोर्ड बैठक में लिया गया।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सरकारी जांच व्यवस्था को किया जाएगा मजबूत

बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्यभर में PPP मोड पर संचालित पैथोलॉजी एवं अन्य डायग्नोस्टिक सेवाओं की गुणवत्ता, कार्यप्रणाली और उपयोगिता का मूल्यांकन किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य उन अस्पतालों में सरकारी जांच व्यवस्था को प्राथमिकता देना है, जहां पहले से पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे अस्पतालों में निजी एजेंसियों के माध्यम से दी जा रही पैथोलॉजी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।

32 अहम एजेंडों पर हुई चर्चा

JMHIDPCL की बोर्ड बैठक में चिकित्सा बुनियादी ढांचे, दवा खरीद, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और संस्थागत सुधार से जुड़े 32 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

JMHIDPCL के पुनर्गठन की तैयारी

बैठक में JMHIDPCL के रिस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) पर भी सहमति बनी। बोर्ड को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 20 नए पदों के सृजन की अनुशंसा की गई।इसके अलावा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवाओं की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया। जिन स्थानों पर उनकी आवश्यकता नहीं होगी, वहां संबंधित कर्मचारियों को एजेंसी के पास वापस भेजा जाएगा।

सहिया कार्यकर्ताओं को टैब और प्रदर्शन के आधार पर स्कूटी देने का प्रस्ताव

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें शामिल हैं—
• स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराना।
• सहिया कार्यकर्ताओं को टैबलेट उपलब्ध कराना।
• उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सहिया कार्यकर्ताओं को स्कूटी देने का प्रस्ताव।
• सहिया कार्यकर्ताओं के लिए वर्दी (बंडी) उपलब्ध कराने पर भी विचार।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के समक्ष भेजा जाएगा।

बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, उप सचिव ध्रुव प्रसाद, संयुक्त निदेशक रीतु सहाय सहित स्वास्थ्य विभाग और JMHIDPCL के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्या होगा इस फैसले का असर?

यदि समीक्षा के बाद सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त पैथोलॉजी सुविधाएं उपलब्ध पाई जाती हैं, तो वहां निजी एजेंसियों की सेवाएं समाप्त होने से सरकारी जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। हालांकि, यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी ताकि मरीजों को जांच सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Highlights

• जिला और सदर अस्पतालों में PPP पैथोलॉजी सेवाओं की होगी समीक्षा।
• सरकारी जांच सुविधा पर्याप्त होने पर निजी एजेंसियों की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से बंद होंगी।
• JMHIDPCL के पुनर्गठन के लिए 20 नए पदों की अनुशंसा।
• सहिया कार्यकर्ताओं को टैब और प्रदर्शन के आधार पर स्कूटी देने का प्रस्ताव।
• स्वास्थ्य विभाग की 19वीं बोर्ड बैठक में 32 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *