स्थानांतरण आदेश रद्द कराने की लड़ाई तेज, 11 अगस्त को स्वास्थ्य कर्मियों का निदेशालय रांची में शक्ति प्रदर्शन, निदेशालय बना भ्रष्ट्राचार का अड्डा- एसोसिएशन का गंभीर आरोप
ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन के पत्र के बाद राज्यभर के कर्मी जुटेंगे, ट्रांसफर का उद्देश्य, आदेश रद्द करने और लंबित मांगों पर होगी निर्णायक वार्ता

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य कर्मियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एसोसिएशन के आह्वाहन पर रांची कूच करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्मियों के जिलावार बैठक की सूचना मिल रही है ताकि पूरी तैयारी के साथ निदेशालय पहुंचा जा सके।
मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी बड़े पैमाने पर स्थानांतरण आदेश के खिलाफ स्वास्थ्य कर्मियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन (AJPMA) ने निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र भेजकर स्थानांतरण आदेश तत्काल निरस्त करने तथा कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
अब इस आंदोलन का अगला चरण 11 अगस्त 2026 को देखने को मिलेगा। एसोसिएशन के आह्वान पर राज्यभर से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी स्वास्थ्य निदेशालय, रांची पहुंचेंगे।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा…
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि निदेशालय कर्मचारियों के मांगो पर विचार नहीं करता सिर्फ और सिर्फ पैसे के खेल में दिलचस्पी रहती है।जिससे राज्य भर के स्वास्थ्य कर्मी मानसिक रूप से प्रताड़ित होते है और स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है। जिम्मेदार और नियुक्त कर्मियों से काम न लेकर प्रतिनियुक्त कर्मियों से काम लिया जाता है ताकि भ्रष्ट्राचार का खेल चलता रहे।
ट्रांसफर पोस्टिंग एक उद्योग बन गया है, हर बार ट्रांसफर पोस्टिंग में नए नए टीम का गठन किया जाता है।पिछली बार 2025 में निदेशक प्रमुख ने अपने साथ हज़ारीबाग से लिपिक बुला कर लाये थे, जिन्होने ट्रांसफर पोस्टिंग का पूरा खेल किया।इस बार 2026 में निदेशालय में 3 नए कर्मी को बुलाकर सारा खेल किया गया है।अब बारी है इन कर्मियों को निदेशालय से हटाकर साफ सुथरा निदेशालय बनाने की। 11 अगस्त को राज्य भर के कर्मी निदेशालय की भ्रष्ट्राचार वाली गंदगी दूर करेंगे।
11 अगस्त को राज्यभर के कर्मी निदेशक प्रमुख से मुलाकात कर स्थानांतरण का उद्देश्य स्पष्ट करने, 31 जुलाई के ट्रांसफर आदेश को रद्द करने, कर्मचारियों की लंबित मांगों तथा भविष्य की स्थानांतरण नीति पर विशेष चर्चा करेगा।
एसोसिएशन का कहना है कि सत्र के बीच हुए स्थानांतरण से कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई कर्मचारी अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
1. 31 जुलाई 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
2. ANM संवर्ग का ग्रेड पे ₹2400 से बढ़ाकर ₹2800 किया जाए।
3. सभी संवर्गों को भर्ती, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त नियमावली के अनुरूप लाभ दिया जाए।
4. मनमाने तरीके से प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापन स्थल भेजने की कार्रवाई किया जाए।
क्या होगा आगे…
अब सभी की नजर 11 अगस्त की बैठक पर टिकी है। यदि वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन के और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसका सीधा असर स्वास्थ्य कार्यक्रम में पड़ सकता है।








