सैनिटरी पैड के लिए छात्रा से पैसे मांगने का आरोप, धनबाद के निजी स्कूल पर जांच की आंच
धनबाद के निजी स्कूल की 11वीं की छात्रा ने सैनिटरी पैड के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया है। शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है।

धनबाद। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए माहवारी के दौरान सैनिटरी पैड जैसी बुनियादी जरूरत की व्यवस्था को लेकर धनबाद में गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक निजी स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा ने आरोप लगाया है कि माहवारी के दौरान जब उसे सैनिटरी पैड की जरूरत पड़ी, तो स्कूल की ओर से पैड उपलब्ध कराने के बदले उससे पैसे मांगे गए।
छात्रा की शिकायत शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। जिला शिक्षा विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है।
शिकायत के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग
छात्रा की शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा ने स्पष्ट किया कि स्कूल में माहवारी के दौरान छात्राओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए उनसे पैसे लेना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता से जुड़े प्रावधानों और सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत छात्राओं की जरूरतों का ध्यान रखना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। हालांकि, विभाग ने फिलहाल स्कूल प्रबंधन को दोषी नहीं ठहराया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
तीन सदस्यीय टीम जुटाएगी तथ्य
शिक्षा विभाग की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम अब शिकायत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। टीम छात्रा की शिकायत, स्कूल प्रबंधन का पक्ष और सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था से संबंधित तथ्यों की पड़ताल करेगी।
जांच में यदि छात्रा के आरोप सही पाए जाते हैं तो रिपोर्ट के आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
‘माहवारी पर चुप्पी तोड़ना जरूरी’
डीईओ अभिषेक झा ने इस मामले में छात्रा और उसके माता-पिता की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि माहवारी को लेकर समाज में अभी भी कई जगह संकोच और चुप्पी बनी हुई है। ऐसे में किसी छात्रा का अपनी समस्या को सामने रखना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को माहवारी के दौरान असहज स्थिति में छोड़ना उचित नहीं है। स्कूलों में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां छात्राएं बिना झिझक अपनी जरूरत बता सकें और उन्हें समय पर आवश्यक सुविधा मिल सके।
स्कूलों में NHM कॉर्नर की व्यवस्था पर जोर
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में NHM कॉर्नर स्थापित करने और छात्राओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया है। इसके साथ ही इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था को भी जरूरी बताया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, माहवारी स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि छात्राओं की गरिमा और शिक्षा से भी जुड़ा हुआ है। पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल धनबाद के निजी स्कूल से सामने आई शिकायत की जांच जारी है। तीन सदस्यीय टीम की रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि सैनिटरी पैड के लिए छात्रा से पैसे मांगे गए थे या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।










