झारखंड- तीन घंटे का अलर्ट : झारखंड के 10 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट, मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे सावधान रहने को कहा, पढ़िये किन जिलों में खतरा बढ़ा…
Jharkhand - Three-hour alert: An alert for thunderstorms, rain, and lightning has been issued for 10 districts in Jharkhand. The Meteorological Department has advised caution for the next three hours; read on to find out which districts are at increased risk...

रांची। झारखंड में जोरदार बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने अर्जेंट अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से झारखंड के मौसम में बदलाव होगी। मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार, गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को राज्य के 10 जिलों में गरज-चमक के साथ अगले तीन घंटे में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।
दोपहर 12 से 3 बजे तक बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच झारखंड के कई इलाकों में मौसम बिगड़ सकता है। इस दौरान बादल गरजने, बिजली चमकने और बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम की इस संभावित स्थिति को देखते हुए खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गरज-चमक शुरू होने पर खेतों, खुले मैदानों और अन्य असुरक्षित स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए।
झारखंड के इन 10 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, जिन जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है, उनमें शामिल हैं:
• चतरा
• देवघर
• गढ़वा
• गिरिडीह
• गुमला
• हजारीबाग
• कोडरमा
• पलामू
• सिमडेगा
• पश्चिमी सिंहभूम
हालांकि, IMD की उपलब्ध रिपोर्टों में झारखंड के कई अन्य जिलों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसलिए जिलावार अलर्ट की ताजा स्थिति आधिकारिक मौसम बुलेटिन से जांचना जरूरी है।
वज्रपात के दौरान इन सावधानियों का रखें ध्यान
मौसम खराब होने पर लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान निम्न सावधानियां अपनाएं:
• बिजली कड़कने पर खुले मैदान, खेत और जलाशयों के आसपास जाने से बचें।
• पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
• किसान खराब मौसम के दौरान खेतों में काम रोक दें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
• तेज हवा के दौरान कमजोर छतों, अस्थायी ढांचों और गिर सकने वाली वस्तुओं से दूर रहें।
• बिजली के टूटे तारों को न छुएं और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
चक्रवात के कमजोर पड़ने के बाद भी सतर्क रहने की जरूरत
भारत मौसम विज्ञान विभाग के समुद्री मौसम बुलेटिन के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंचने के बाद कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया था। इसके बावजूद पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। ऐसे में झारखंड के लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेषकर किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।












