JPSC अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में किया ये बड़ा ऐलान, आवेदन तिथि बढ़ने के संकेत…
Good news for JPSC candidates, Chief Minister Hemant Soren made a big announcement in the Assembly, hinting at an extension of the application date...

JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2025 (14वीं JPSC) के अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में कट-ऑफ ईयर को 2026 की बजाय 2022 से मानने का निर्णय बताया, जिससे उम्र सीमा के कारण अयोग्य हुए हजारों अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।
रांची/22.2.26। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन अभ्यर्थियों के हित में एक अहम निर्णय सामने आया। भोजनावकाश से ठीक पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि 14वीं JPSC परीक्षा के लिए उम्र सीमा में छूट के आकलन की कट-ऑफ ईयर अब 2026 की बजाय 2022 से मानी जाएगी।मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद सदन में मौजूद विधायकों ने मेज थपथपाकर फैसले का स्वागत किया। राजनीतिक हलकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में भी इस निर्णय को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग थी कट-ऑफ में बदलाव
दरअसल, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के लिए उम्र सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ वर्ष 2026 निर्धारित किया था। इस निर्णय के कारण बड़ी संख्या में वे अभ्यर्थी परीक्षा फॉर्म भरने से अयोग्य हो गए थे, जो पहले की परीक्षाओं और नियमावली के अनुसार पात्र थे।
अभ्यर्थियों और याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पूर्व की परीक्षाओं—विशेषकर 2016, 2017—में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी गई थी। साथ ही 2021 की नियमावली में भी ऊपरी उम्र सीमा में राहत का प्रावधान मौजूद था। ऐसे में 2026 को कट-ऑफ ईयर बनाए जाने से हजारों उम्मीदवारों के अवसर सीमित हो गए।
आवेदन तिथि बढ़ने के संकेत
आयोग द्वारा आवेदन की अंतिम तिथि 20 फरवरी, शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई थी। मुख्यमंत्री की ताजा घोषणा के बाद यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आवेदन की तारीख बढ़ाई जा सकती है, ताकि नए कट-ऑफ प्रावधान का लाभ अधिकतम अभ्यर्थियों को मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाएगा।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला
कट-ऑफ ईयर को लेकर विवाद बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने अंतरिम आदेश में याचिकाकर्ताओं को परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति देते हुए JPSC को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना प्रकाशित नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को निर्धारित है।
सदन में उठा था मुद्दा
इस पूरे मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया गया था। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने अभ्यर्थियों की समस्याओं को सदन के सामने रखा था। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सरकार की गंभीरता का भरोसा दिलाया था।मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही अब इस मुद्दे पर सरकार का स्पष्ट रुख सामने आ गया है।
कट-ऑफ ईयर 2020 करने की मांग
मुख्यमंत्री के फैसले के बाद भी कुछ विधायकों ने अतिरिक्त राहत की मांग रखी। जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने मुख्यमंत्री से कट-ऑफ डेट 2020 से पहले तय करने की अपील की।उन्होंने तर्क दिया कि पिछले 25 वर्षों में JPSC द्वारा सीमित संख्या में सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित की गई हैं, जिससे कई मेधावी छात्रों को अवसर नहीं मिल पाए। ऐसे में अधिक व्यापक राहत की आवश्यकता है।








