स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान पर बढ़ी सरगर्मी, बोले, SIR का किया जायेगा पूरजोर विरोध
Health Minister Irfan Ansari's controversial statement sparked widespread protests, saying he would strongly oppose his "Sir."

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध का ऐलान किया है। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। साथ ही उन्होंने गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
रांची/22.2.26। बजट सत्र के चौथे दिन के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बयान चर्चा का केंद्र बन गया। मीडिया से बातचीत में मंत्री ने अप्रैल महीने से प्रस्तावित मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसके विरोध की घोषणा की।उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर राजनीति की जा रही है और इसका सीधा लाभ भाजपा को मिल रहा है। मंत्री ने आरोप लगाया कि सही व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनावी संतुलन प्रभावित हो सकता है।
SIR को लेकर उठे सवाल
मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का एक नियमित प्रशासनिक कदम माना जाता है, जिसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर कराया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन रखना और त्रुटियों को दूर करना होता है।हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद SIR को लेकर राजनीतिक विमर्श तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने जहां इसे संवैधानिक प्रक्रिया बताया, वहीं सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने मंत्री की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर अनावश्यक विवाद नहीं खड़ा किया जाना चाहिए।
निशिकांत दुबे पर भी तीखी प्रतिक्रिया
मीडिया बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने निशिकांत दुबे की हालिया टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। दुबे द्वारा दुमका में की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड राज्य का अस्तित्व ‘गुरुजी’ के योगदान से जुड़ा है।उन्होंने निशिकांत दुबे पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपनी टिप्पणी पर माफी मांगनी चाहिए। साथ ही मंत्री ने आगामी चुनावों का हवाला देते हुए भविष्य में राजनीतिक चुनौती देने की बात भी दोहराई।
सदन में भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति पर टिप्पणी
स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष की कम उपस्थिति चिंताजनक है और इससे लोकतांत्रिक चर्चा प्रभावित होती है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के विकास और जनहित के मुद्दों पर गंभीर बहस होनी चाहिए। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बयान को लेकर भी विभिन्न दलों के बीच प्रतिक्रियाओं का दौर जारी रहेगा।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के ताजा बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। SIR जैसे प्रशासनिक और चुनावी मुद्दों पर नेताओं की टिप्पणियां अक्सर राजनीतिक दृष्टिकोण से देखी जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है, वहीं राजनीतिक दलों की आशंकाएं और आरोप भी चुनावी माहौल में स्वाभाविक रूप से सामने आते हैं।









