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VIDEO- बेटी का हुआ तलाक….तो पिता ने ढोल-मांदड़ के साथ बेटी का स्वागत, जज की बेटी की शादी मेजर से हुई थी…फिर…

VIDEO: Daughter Gets Divorced... Father Welcomes Her Home with Drums and Traditional Music; The Judge's Daughter Had Married an Army Major... Then...

एक रिटायर्ड जज ने अपनी तलाकशुदा बेटी का ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ स्वागत कर समाज को मजबूत संदेश दिया है कि बेटियां बोझ नहीं, सम्मान की हकदार हैं।
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Regional News/7.4.26: यूं तो तलाक को एक नकारात्मक घटना के रूप में देखा जाता है, लेकिन एक पिता ने बेटी की तलाक पर उसका स्वागत ढोल-नगाड़ों से किया। पूरा मामला मेरठ के शास्त्री नगर इलाके की है, एक जज पिता ने बेटी की तलाक पर उसका अनूठे अंदाज में स्वागत किया। यह कहानी एक रिटायर्ड जज और उनकी बेटी प्रतीक्षा की है। प्रतीक्षा की शादी वर्ष 2018 में शाहजहांपुर निवासी मेजर गौरव अग्निहोत्री के साथ धूमधाम से हुई थी।

शादी के बाद उनके एक बेटा भी हुआ। शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ने लगा। ससुराल में प्रताड़ना और आपसी मतभेदों ने रिश्ते को कमजोर कर दिया, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया।कई वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया और संघर्ष के बाद आखिरकार 4 अप्रैल 2026 को अदालत ने दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी।

जहां आमतौर पर ऐसे मामलों में परिवारों में निराशा और दुख का माहौल होता है, वहीं इस पिता ने एक अलग और सकारात्मक रास्ता चुना।जब प्रतीक्षा अपने मायके लौटीं, तो उनका स्वागत किसी विजेता की तरह किया गया। घर के बाहर ढोल-नगाड़ों की व्यवस्था की गई थी, परिवार और रिश्तेदार पहले से मौजूद थे।

जैसे ही वह कार से उतरीं, उन पर फूलों की बारिश की गई और नाच-गाकर उनका स्वागत किया गया। यह दृश्य न केवल भावुक करने वाला था, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी था।इस मौके पर पिता ने एक सफेद टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर बड़े अक्षरों में “I Love My Bitiya” लिखा था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेटी कभी बोझ नहीं होती, बल्कि वह परिवार का अभिन्न हिस्सा होती है।

उन्होंने कहा कि बेटियों को भी बेटों के समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। यदि कोई बेटी शादी में खुश नहीं है, तो उसे जबरदस्ती उस रिश्ते में नहीं रखा जाना चाहिए।पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने छह साल तक काफी कुछ सहा, लेकिन अब वह एक नई जिंदगी की शुरुआत कर रही है और यह स्वागत उसी नई शुरुआत का प्रतीक है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब उनकी बेटी मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट चुकी थी, तब उनका कर्तव्य था कि उसे सहारा दें और यह विश्वास दिलाएं कि उसका घर हमेशा उसके साथ है।इस अनोखे स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। लोग इस पिता के साहसिक और संवेदनशील फैसले की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बताया है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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