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आपके भी मोबाइल पर आया क्या जोरदार आवाज के साथ एक अलर्ट, जानिये सरकार ने क्यों भेजा है ये मैसेज, सिर्फ झारखंड-बिहार नहीं….

Did you also get a loud alert on your mobile? Find out why the government has sent this message, not just for Jharkhand and Bihar.

रांची। झारखंड सहित देशभर के कई हिस्सों में लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक तेज बीप के साथ फ्लैश मैसेज दिखाई दिए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस अलर्ट के आते ही कई लोग सहम गये। हालांकि, यह कोई वास्तविक खतरे की चेतावनी नहीं थी, बल्कि सरकार द्वारा एक नए इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम की टेस्टिंग का हिस्सा था।

दरअसल यह पहल National Disaster Management Authority (NDMA) द्वारा संचार मंत्रालय के तहत Department of Telecommunications (DoT) के सहयोग से चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य नई प्रणाली का उद्देश्य आपदा या आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से और प्रभावी तरीके से चेतावनी संदेश पहुंचाना है।

बताया जा रहा है कि इस सिस्टम को ‘सचेत’ (SACHET) प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा गया है, जिसे C-DOT द्वारा विकसित किया गया है। पारंपरिक SMS सिस्टम के विपरीत, यह ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ संदेश भेजता है। इसकी खास बात यह है कि यह टेलीकॉम नेटवर्क को ओवरलोड किए बिना तेजी से संदेश पहुंचाने में सक्षम है।

वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने की घटनाएं या मानव निर्मित आपात स्थितियों जैसे गैस लीक और केमिकल हादसों के दौरान यह सिस्टम बेहद कारगर साबित हो सकता है। अक्सर ऐसी स्थितियों में नेटवर्क जाम हो जाते हैं, लेकिन यह तकनीक उस स्थिति में भी काम करने के लिए डिजाइन की गई है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक नियोजित देशव्यापी परीक्षण है और नागरिकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलग-अलग मोबाइल टावर और नेटवर्क्स की क्षमता जांचने के लिए यह अलर्ट कई बार भी प्राप्त हो सकता है, जो पूरी तरह सामान्य है।

इस दौरान लोगों को उनके मोबाइल फोन पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में टेस्ट मैसेज मिल सकते हैं। जिन मोबाइल फोन्स में ‘सेल ब्रॉडकास्ट टेस्ट अलर्ट’ फीचर इनेबल्ड है, उन्हीं पर यह संदेश प्राप्त होगा। उपयोगकर्ता चाहें तो अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर इस विकल्प को मैनेज कर सकते हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन टेस्ट मैसेज का जवाब देने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह केवल सिस्टम की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण पूरा होने के बाद इस सिस्टम को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में यह सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक कुछ ही सेकंड में चेतावनी पहुंचा सकेगा।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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