close
LIVE UPDATE

नीट रि-एग्जाम अपडेट: परीक्षा पैटर्न में नहीं होगा कोई बदलाव, NTA ने सुप्रीम कोर्ट को परीक्षा संचालन व व्यवस्था पर दिया ये अपडेट

NEET Re-Exam: नीट के परीक्षाओं से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सुप्रीम कोर्ट से सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद स्पष्ट हो गया है कि नीट के परीक्षा पैटर्न में किसी भी तरह का कोई बदलाव इस साल नहीं होगा आपको बता दें कि 21 जून को नीत यूजी की दोबारा परीक्षा होने वाली है। कोर्ट ने 21 जून को होने वाली नीट की परीक्षा को लेकर एनडीए और केंद्र सरकार को निर्णय लेने की छूट दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही परीक्षा को ऑनलाइन मोड में करने पर कोई अनिवार्य निर्देश नहीं दिया है। सुनवाई के दौरान एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट यूजी 2027 से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी सीबीटी मोड में करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन 21 जून 2026 को होने वाली री एग्जाम मौजूदा व्यवस्था यानी पेन पेपर मोड़ के तहत ही आयोजित होगी।

सुनवाई के दौरान एनडीए की तरफ से कोर्ट को यह जानकारी दी गई, कि नीट की एग्जाम को लेकर चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को पहले से काफी ज्यादा मजबूत किया गया है। वहीं प्रश्न पत्र की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली के साथ-साथ मल्टी लेयर और मल्टी लेयर ऑथेंटिकेशन जैसे कई नए उपाय भी लागू किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने एनडीए के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पूर्व में जो पेपर लीक हुए हैं। NTA ने उससे कोई सबक नहीं लिया। कोर्ट ने उस दौरान कहा कि केंद्र सरकार पर भी इसे जवाब तलब किया जाएगा। आपको बता दे कि इस साल नीट यूजी 2026 में करीब 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल होंगे।

एनडीए के मुताबिक उम्मीदवारों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। अब छात्रों की नजर 21 जून को होने वाली परीक्षा और उससे पहले जारी होने वाले एडमिट कार्ड और सिटी इंटीमेशन स्लिप पर टिकी है । नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक आरोप के बाद एनटीए को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद दोबारा परीक्षा 21 जून को करने का फैसला लिया गया।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *