Prashant Kishor Win: PK ने रचा इतिहास, 18 हजार से ज्यादा वोटों से जीते बांकीपुर; बीजेपी-RJD दोनों को दी मात, बांकीपुर के बादशाह बनने पर पीके क्या बोले, पढ़िये…
Prashant Kishor's Victory: PK has made history, winning Bankipur by a margin of over 18,000 votes and defeating both the BJP and the RJD; read what PK had to say after becoming the 'King of Bankipur'...

Prashant Kishor Win । बिहार की राजनीति में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (PK) ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना पहला चुनाव जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ विधानसभा में अपनी दमदार एंट्री की, बल्कि जन सुराज पार्टी का भी चुनावी खाता जीत के साथ खोल दिया। सबसे खास बात यह रही कि प्रशांत किशोर ने भाजपा की पारंपरिक मानी जाने वाली सीट पर जीत हासिल करते हुए बीजेपी और आरजेडी दोनों को पीछे छोड़ दिया।

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया कि बिहार की राजनीति में अब एक नया राजनीतिक विकल्प उभर चुका है। पूरे चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने जिस “बदलाव” की बात की, उस पर मतदाताओं ने भरोसा जताया और उन्हें निर्णायक जनादेश दिया।

पहले राउंड से आखिर तक कायम रही बढ़त
मतगणना की शुरुआत से ही प्रशांत किशोर ने बढ़त बना ली थी। पहले राउंड में उन्हें 2,225 वोट मिले और वे 862 वोटों से आगे रहे। इसके बाद हर राउंड के साथ उनकी बढ़त बढ़ती चली गई। भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा और राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता पूरे चुनाव में उनकी बढ़त को चुनौती नहीं दे सके।

15वें राउंड तक प्रशांत किशोर 8,202 वोटों से आगे थे। 18वें राउंड में यह अंतर 10 हजार वोट पार कर गया। 22वें राउंड तक बढ़त 12,809 वोट पहुंच गई, जबकि 27वें राउंड के बाद यह 16,887 वोट हो गई। अंतिम 31वें राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद प्रशांत किशोर ने 18 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

भाजपा का अभेद्य किला भी ढह गया
बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। भाजपा को भरोसा था कि यह सीट उसके कब्जे में बनी रहेगी, लेकिन प्रशांत किशोर ने अपनी रणनीति और जनसंपर्क अभियान के दम पर चुनावी समीकरण बदल दिए। पूरे चुनाव में जन सुराज का संगठन और स्थानीय मुद्दों पर फोकस भाजपा और राजद दोनों पर भारी पड़ा।

चुनावी रणनीतिकार से जननेता तक
देश के सबसे चर्चित चुनावी रणनीतिकारों में शामिल प्रशांत किशोर वर्षों तक पर्दे के पीछे रहकर कई राजनीतिक दलों को चुनाव जिताने के लिए जाने जाते रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने खुद चुनावी मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक परीक्षा दी और पहली ही कोशिश में शानदार जीत हासिल कर ली। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत बिहार की राजनीति में तीसरे विकल्प की संभावनाओं को और मजबूत करेगी।
जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर?
अपनी बढ़त निर्णायक होने के बाद मतगणना स्थल पहुंचे प्रशांत किशोर ने कहा कि यह चुनाव केवल बांकीपुर की सड़क, नाली और गली का चुनाव नहीं था, बल्कि बदलाव की सोच का चुनाव था। उन्होंने कहा कि आने वाले दो से तीन महीनों में बांकीपुर में बदलाव दिखाई देने लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि बेहतर शासन और नई राजनीति स्थापित करने की है।
पत्नी ने जताया आभार
प्रशांत किशोर की पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने जीत पर खुशी जताते हुए बांकीपुर की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की मेहनत से यह जीत संभव हो सकी।









