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क्या आप पिता बनना चाहते हैं ! पुरुषों की फर्टिलिटी क्यों हो रही है कम? जानिए स्पर्म काउंट और क्वालिटी सुधारने के आसान तरीके

पुरुषों की फर्टिलिटी कम होने के कारणों में स्पर्म काउंट, तनाव, मोटापा, धूम्रपान और शराब शामिल हो सकते हैं। जानें स्पर्म क्वालिटी सुधारने के उपाय और जांच।

हेल्थ डेस्क। प्रेग्नेंसी की योजना बनाते समय अक्सर महिलाओं की फर्टिलिटी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, लेकिन मेडिकल साइंस में गर्भधारण में पुरुष की प्रजनन क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुरुषों में फर्टिलिटी कम होने के पीछे स्पर्म काउंट, स्पर्म की गति और उनकी बनावट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा धूम्रपान, अधिक शराब का सेवन, बढ़ता वजन, तनाव, नींद की कमी, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी और प्रदूषण जैसी जीवनशैली से जुड़ी स्थितियां भी फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं।

अच्छी बात यह है कि कई मामलों में जीवनशैली में बदलाव और सही मेडिकल सलाह के जरिए पुरुषों की प्रजनन क्षमता में सुधार की संभावना रहती है। अगर लंबे समय से गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो केवल महिला को जिम्मेदार मानने के बजाय पुरुष और महिला दोनों की जांच कराना जरूरी है। कहा जाता है कि कई बार पुरुषों की फर्टिलिटी महिलाओं की तुलना में ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।

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क्या होती है पुरुषों की फर्टिलिटी?

मेल फर्टिलिटी यानी पुरुष की अपने साथी को प्राकृतिक रूप से गर्भधारण कराने की क्षमता। इसके लिए स्वस्थ शुक्राणुओं का बनना और उनका महिला के अंडाणु तक पहुंचना जरूरी होता है।स्पर्म की गुणवत्ता को समझने में मुख्य रूप से तीन चीजें महत्वपूर्ण मानी जाती हैं—

स्पर्म काउंट: वीर्य में पर्याप्त संख्या में शुक्राणु होना जरूरी है।

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स्पर्म मोटिलिटी: शुक्राणुओं की सही दिशा में आगे बढ़ने की क्षमता भी गर्भधारण के लिए महत्वपूर्ण है।

स्पर्म मॉर्फोलॉजी: शुक्राणु का आकार और बनावट सामान्य होना भी जरूरी माना जाता है।

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इनमें किसी तरह की समस्या होने पर गर्भधारण में परेशानी आ सकती है।

पुरुषों की फर्टिलिटी क्यों हो सकती है कम?
पुरुषों में फर्टिलिटी कम होने का कोई एक कारण नहीं होता। जीवनशैली, स्वास्थ्य, पर्यावरण और कुछ जन्मजात या चिकित्सकीय कारण इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

धूम्रपान और तंबाकू

सिगरेट और तंबाकू में मौजूद रसायन शुक्राणुओं की संख्या, उनकी गतिशीलता और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। लंबे समय तक धूम्रपान करने से प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना रहती है। इसलिए परिवार बढ़ाने की योजना बना रहे पुरुषों के लिए धूम्रपान छोड़ना महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

शराब का अधिक सेवन

लंबे समय तक अधिक मात्रा में शराब का सेवन हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकता है और स्पर्म बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। शराब का अत्यधिक सेवन यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है।

मोटापा और बढ़ता वजन

अधिक वजन केवल सामान्य स्वास्थ्य के लिए ही चुनौती नहीं है, बल्कि यह पुरुषों की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। शरीर में अधिक चर्बी होने पर हार्मोनल संतुलन में बदलाव हो सकते हैं, जिससे स्पर्म बनने की प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना रहती है।

तनाव और मानसिक दबाव

लगातार तनाव, चिंता और मानसिक दबाव भी प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं। भागदौड़ भरी जीवनशैली में लगातार तनाव के कारण नींद और हार्मोनल संतुलन प्रभावित हो सकता है।

नींद की कमी

देर रात तक जागना और पर्याप्त नींद नहीं लेना लंबे समय में स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। परिवार बढ़ाने की योजना बना रहे पुरुषों के लिए नियमित नींद और बेहतर दिनचर्या बनाए रखना उपयोगी हो सकता है।

प्रदूषण और हानिकारक रसायन

वायु प्रदूषण और कुछ विषैले रसायनों के लगातार संपर्क को भी पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए संभावित जोखिम माना जाता है। काम के दौरान लेड, कुछ केमिकल्स या रेडिएशन के संपर्क में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

ज्यादा गर्मी भी बन सकती है परेशानी

अंडकोष का तापमान शुक्राणु निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होता है। अत्यधिक गर्म वातावरण, बार-बार हॉट टब या बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल और लंबे समय तक लैपटॉप को गोद में रखने जैसी स्थितियों से अंडकोष के आसपास तापमान बढ़ सकता है। लगातार अत्यधिक गर्मी से बचना बेहतर माना जाता है।

कुछ चिकित्सकीय कारण भी हो सकते हैं

हर मामले में फर्टिलिटी की समस्या केवल खराब जीवनशैली के कारण नहीं होती। कुछ पुरुषों में जन्मजात समस्या, हार्मोनल असंतुलन, आनुवंशिक कारण, संक्रमण या वेरिकोसील जैसी स्थिति भी जिम्मेदार हो सकती है।

वेरिकोसील में अंडकोष के आसपास की नसों में सूजन हो सकती है और कुछ मामलों में इसका संबंध स्पर्म उत्पादन या गुणवत्ता में कमी से हो सकता है।इसके अलावा कुछ संक्रमण, विशेष रूप से यौन संचारित संक्रमण, भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

क्या पुरुषों की फर्टिलिटी दोबारा बेहतर हो सकती है?

कई मामलों में फर्टिलिटी को बेहतर करने की संभावना रहती है। शुक्राणुओं को बनने और परिपक्व होने में समय लगता है, इसलिए जीवनशैली में बदलाव का असर तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है। नियमित रूप से स्वस्थ आदतें अपनाने के बाद कुछ महीनों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।हालांकि फर्टिलिटी की समस्या का वास्तविक कारण जानना जरूरी है। केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

स्पर्म क्वालिटी बेहतर रखने के लिए क्या करें?

1. धूम्रपान छोड़ें: सिगरेट और तंबाकू से दूरी बनाएं।
2. शराब का सेवन कम करें: अधिक मात्रा में शराब पीने से बचें।
3. वजन नियंत्रित रखें: संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाएं।
4. पौष्टिक भोजन लें: हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, मेवे और संतुलित प्रोटीन को भोजन का हिस्सा बनाएं।
5. नियमित व्यायाम करें: रोजाना हल्की से मध्यम शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करें।
6. पर्याप्त नींद लें: नियमित रूप से पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।
7. तनाव कम करें: मेडिटेशन, रिलैक्सेशन और सांस से जुड़ी एक्सरसाइज मददगार हो सकती हैं।
8. अत्यधिक गर्मी से बचें: हॉट टब, बहुत गर्म पानी और लगातार गर्म वातावरण के संपर्क को सीमित रखें।
9. हानिकारक रसायनों से सावधानी रखें: यदि काम के दौरान केमिकल, लेड या रेडिएशन के संपर्क में रहना पड़ता है, तो सुरक्षा उपायों का पालन करें।

फर्टिलिटी की जांच कैसे होती है?

अगर लंबे समय तक गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो पुरुष की भी जांच कराना जरूरी है। डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार Semen Analysis की सलाह दे सकते हैं। इससे स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और मॉर्फोलॉजी जैसी चीजों का आकलन किया जा सकता है।कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर हार्मोन टेस्ट, स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच की सलाह भी दे सकते हैं। यदि किसी विशेष कारण का संदेह हो तो आगे की जांच की जा सकती है।

इलाज के विकल्प क्या हैं?

इलाज पूरी तरह समस्या के कारण पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में जीवनशैली में बदलाव पर्याप्त हो सकता है, जबकि कुछ स्थितियों में दवा, हार्मोन संबंधी उपचार या वेरिकोसील जैसी समस्या का उपचार जरूरी हो सकता है।जरूरत पड़ने पर डॉक्टर IUI, IVF या ICSI जैसे असिस्टेड रिप्रोडक्टिव ट्रीटमेंट की सलाह भी दे सकते हैं। इसलिए बिना जांच के कोई दवा या सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर नियमित रूप से प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। सामान्य तौर पर एक वर्ष तक प्रयास के बाद भी गर्भधारण न होने पर कपल को फर्टिलिटी विशेषज्ञ से जांच कराने की सलाह दी जाती है। उम्र या अन्य स्वास्थ्य परिस्थितियों के अनुसार इससे पहले भी चिकित्सकीय सलाह ली जा सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फर्टिलिटी की समस्या केवल महिला से जुड़ी नहीं होती। गर्भधारण में पुरुष और महिला दोनों की प्रजनन क्षमता महत्वपूर्ण होती है। इसलिए समस्या आने पर दोनों की उचित जांच से सही कारण का पता लगाने और समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

जरूरी बात

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या में किसी एंड्रोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लेना बेहतर है। किसी भी दवा, हार्मोन या सप्लीमेंट का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. पुरुषों में फर्टिलिटी का पता कैसे चलता है?
मुख्य जांचों में सीमेन एनालिसिस शामिल है, जिसमें स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और मॉर्फोलॉजी की जांच की जाती है।
Q2. क्या धूम्रपान से स्पर्म क्वालिटी प्रभावित हो सकती है?
हां, धूम्रपान शुक्राणुओं की संख्या, गतिशीलता और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
Q3. क्या मोटापा पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर डाल सकता है?
हां, अधिक वजन हार्मोनल संतुलन और स्पर्म उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।
Q4. क्या जीवनशैली बदलने से फर्टिलिटी बेहतर हो सकती है?
कई मामलों में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार की संभावना रहती है। हालांकि समस्या का कारण जानने के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
Q5. क्या केवल महिला की जांच कराने से फर्टिलिटी की समस्या का पता चल सकता है?
नहीं। गर्भधारण में पुरुष और महिला दोनों की भूमिका होती है। लंबे समय तक गर्भधारण न होने पर दोनों की जांच कराना उचित है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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