Begusarai दारोगा की दबंगई! मंच पर महिला डांसर को मारा थप्पड़, विरोध करने पर भीड़ की ओर पिस्टल तानने का आरोप; SP ने दिए जांच के आदेश

Begusarai News: दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित जागरण कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारी के कथित व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंच पर महिला डांसर को थप्पड़ मारने और विरोध करने पर भीड़ की ओर पिस्टल तानने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। बेगूसराय के एसपी मनीष ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी चौक स्थित मां वैष्णवी सार्वजनिक दुर्गा स्थान की है। यहां 19 और 20 अक्टूबर की दरमियानी रात दुर्गा पूजा के अवसर पर जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
बताया जा रहा है कि देर रात करीब तीन बजे कार्यक्रम बंद कराने पहुंचे दारोगा मंच पर पहुंच गए। इसी दौरान महिला कलाकार के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना हुई। महिला डांसर का आरोप है कि उन्होंने कार्यक्रम रोक दिया था, इसके बावजूद दारोगा ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। आयोजक के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप है।
बेगूसराय में महिला डांसर पर दारोगा ने चलाया हाथ, आयोजक को भी पीटा, भड़की भीड़ तो निकाल दी पिस्टल, एसपी ने दिए पूरे मामले में जांच के आदेश। https://t.co/nvh5o66scW
ये खबर भी पढ़ें…— NBT Bihar (@NBTBihar) October 21, 2026
विरोध के बाद बढ़ा विवाद
महिला डांसर के साथ कथित मारपीट का विरोध करने पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान दारोगा ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर भीड़ की ओर तान दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस का कहना है…
पुलिस की ओर से सामने आए पक्ष के अनुसार, कार्यक्रम में कथित अशोभनीय नृत्य के कारण अव्यवस्था उत्पन्न हो रही थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान कलाकारों को हटाने और आयोजकों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
SP ने SDPO को सौंपी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय के SP मनीष ने सदर-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रशांत कुमार को विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












