सरायकेला में ज्वेलर्स के घर डकैती: दिन में पार्सल पहुंचाता था, रात में देता था अपराधियों को घर की खबर; डिलीवरी बॉय निकला मास्टरमाइंड का मददगार
चांडिल में ज्वेलर्स उमंग चौधरी के घर डकैती मामले में पुलिस ने कूरियर डिलीवरी कर्मी राहुल महतो को गिरफ्तार किया। करीब 24 लाख के जेवर बरामद।

Jharkhand Crime News: जो डिलेवरी ब्वाय पार्सल लेकर घर-घर जाता है, वो डकैतों का मुखबिर भी हो सकता है ! झारखंड पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, कि सुनकर आप भी दंग रह जायेगा। दरअसल सरायकेला में पिछले दिनों लाखों की भीषण डकैती हुई थी। इस डकैती का मुखबिर डिलेवरी ब्वाय ही था। ये डिलेवरी ब्वाय दिन में पार्सल पहुंचाता था और रात में डकैती करवाता था।
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में ज्वेलर्स उमंग चौधरी के घर हुई डकैती की जांच में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो इलाके में कूरियर डिलीवरी का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, राहुल कुमार महतो ने न सिर्फ ज्वेलर्स के घर की जानकारी अपराधियों तक पहुंचाई, बल्कि डकैती के लिए घर चुनने में भी अहम भूमिका निभाई।
आपको बता दें कि इसी महीने 9 अक्टूबर की रात हथियारों के बल पर पूरे परिवार को बंधक बनाकर की गई इस वारदात की जांच में पुलिस को कथित तौर पर जेल में बनी पुरानी आपराधिक पहचान से लेकर लूटे गए गहनों की खरीद-बिक्री तक के तार मिले हैं। पुलिस ने डिलीवरी कर्मी के अलावा लूटे गए आभूषण खरीदने के आरोप में धनबाद के एक स्वर्णकार को भी गिरफ्तार किया है।
कूरियर डिलीवरी के काम से मिली इलाके की जानकारी, फिर डकैती की साजिश में इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, चांडिल के सुकसारी निवासी राहुल कुमार महतो कूरियर डिलीवरी का काम करता था। इस काम के दौरान उसे इलाके के घरों और रास्तों की जानकारी थी। पुलिस का आरोप है कि राहुल ने इसी जानकारी का इस्तेमाल ज्वेलर्स उमंग चौधरी के घर को डकैती के लिए चुनने में किया।
जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, राहुल की पहचान वर्ष 2022-23 में जमशेदपुर की घाघडीह जेल में बंद रहने के दौरान कथित डकैत मोहिउद्दीन अंसारी और सोबराती अंसारी से हुई थी। पुलिस का कहना है कि इसी संपर्क के जरिए उसने अपराधियों को ज्वेलर्स के घर की जानकारी दी और वारदात की साजिश में सहयोग किया।
इस मामले ने इलाके में घर-घर पार्सल पहुंचाने वाले डिलीवरी कर्मियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, यह मामला एक आरोपी के खिलाफ पुलिस के आरोपों से जुड़ा है और इसे पूरे डिलीवरी क्षेत्र से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
9 अक्टूबर की रात हथियारों के बल पर परिवार को बनाया गया था बंधक
चांडिल बस स्टैंड के पास ज्वेलर्स उमंग चौधरी के घर 9 अक्टूबर की रात डकैती हुई थी। वारदात के दौरान अपराधियों ने हथियारों के बल पर पूरे परिवार को बंधक बना लिया और घर से कीमती आभूषण लूट लिए।घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चांडिल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान राहुल कुमार महतो की भूमिका सामने आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
धनबाद तक पहुंची लूट के गहनों की कड़ी
पुलिस की जांच केवल डकैती में शामिल आरोपियों तक सीमित नहीं रही। लूटे गए आभूषणों को खरीदने के आरोप में धनबाद जिले के बरोरा निवासी त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार को भी गिरफ्तार किया गया।पुलिस के मुताबिक, उसकी निशानदेही पर करीब 24 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। बरामद सामान में शामिल हैं:
• 5,142 ग्राम गलाया हुआ चांदी
• 80 ग्राम गलाया हुआ सोना
• ब्रिटिशकालीन 32 ऐतिहासिक चांदी के सिक्के
• पीपल के पत्ते के आकार के चांदी के दो स्वास्तिक
• हीरे जैसे छोटे पत्थरों के 11 नग
• दो मोबाइल फोन
• वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो होंडा मोटरसाइकिल
बरामदगी से पुलिस को लूटे गए सामान की बरामदगी और उसके कथित खरीदार तक पहुंचने में मदद मिली है।
मुख्य डकैत पहले ही गिरफ्तार, अब मददगारों की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल मुख्य डकैतों को पहले ही हजारीबाग जिले के चौपारण से गिरफ्तार किया जा चुका है। ताजा कार्रवाई में डिलीवरी कर्मी राहुल कुमार महतो और कथित तौर पर लूटे गए आभूषण खरीदने वाले त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार की गिरफ्तारी हुई है।पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को राहत मिली है। हालांकि, मामले में सभी आरोपियों की भूमिका और साजिश से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
डिलीवरी बॉय की गिरफ्तारी ने खड़े किए सुरक्षा से जुड़े सवाल
चांडिल की इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस के मुताबिक डिलीवरी कर्मी की भूमिका है। घर-घर पार्सल पहुंचाने के कारण इलाके की जानकारी रखने वाले व्यक्ति पर ही घर की पहचान कर अपराधियों को सूचना देने का आरोप लगा है।यह मामला बताता है कि किसी अपराध की जांच में केवल वारदात को अंजाम देने वालों की ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर अंदरूनी जानकारी उपलब्ध कराने और लूटे गए सामान की खरीद-बिक्री में शामिल लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।












