Diwali 2026: दिवाली की रात इन 5 तरह के घरों में नहीं टिकती दरिद्रता! मां लक्ष्मी के स्वागत से जुड़ी है झाड़ू छिपाने की पुरानी परंपरा
दिवाली की रात झाड़ू छिपाकर रखने की परंपरा का क्या है रहस्य? जानिए किन 5 तरह के घरों में मां लक्ष्मी का वास माना जाता है।

नई दिल्ली। दीपावली की रात सिर्फ दीप जलाने और मां लक्ष्मी की पूजा करने का पर्व नहीं है, बल्कि इस दिन घर की छोटी-छोटी परंपराओं का भी विशेष महत्व माना जाता है। आपने अक्सर देखा होगा कि दिवाली की रात कई घरों में झाड़ू को खुले में नहीं रखा जाता, बल्कि उसे ऐसी जगह छिपाकर रख दिया जाता है, जहां बाहर से आने वाले लोगों की नजर न पड़े। आखिर इसके पीछे क्या मान्यता है? क्या सच में झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से है?
धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि दिवाली पर झाड़ू की साफ-सफाई से लेकर उसे रखने तक की परंपराएं निभाई जाती हैं। मान्यता है कि मां लक्ष्मी ऐसे घरों में निवास करती हैं, जहां स्वच्छता के साथ प्रेम, सम्मान और सकारात्मकता का वातावरण होता है।
दिवाली की रात झाड़ू छिपाकर क्यों रखते हैं लोग?
हिंदू धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि जिस घर में साफ-सफाई रहती है, वहां सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इसी विश्वास के चलते कुछ परिवारों में दिवाली की रात झाड़ू को खुले स्थान पर रखने के बजाय सुरक्षित और नजरों से दूर रखा जाता है।
मान्यता है कि झाड़ू को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां बाहर से आने वाले लोगों की नजर उस पर न पड़े। हालांकि, यह एक पारंपरिक लोकमान्यता है और सभी परिवारों में इसका पालन एक जैसा नहीं होता।
दिवाली पर नई झाड़ू खरीदना क्यों माना जाता है शुभ?
दीपावली और धनतेरस के मौके पर नई झाड़ू खरीदने की भी पुरानी परंपरा है। कई लोग धनतेरस पर तो कुछ दिवाली के दिन नई झाड़ू घर लेकर आते हैं।धार्मिक मान्यता के अनुसार, नई झाड़ू घर में लाना मां लक्ष्मी के स्वागत और सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा है। यही कारण है कि दीपावली के आसपास बाजारों में झाड़ू की खरीदारी बढ़ जाती है।
इन 5 तरह के घरों में मां लक्ष्मी का वास माना जाता है
धार्मिक मान्यताओं में मां लक्ष्मी को स्वच्छता, सद्भाव, सम्मान और सदाचार से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि जिन घरों में ये गुण होते हैं, वहां सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
1. जिस घर का मुख्य दरवाजा हमेशा रहता है साफ
मां लक्ष्मी को स्वच्छता प्रिय माना जाता है। इसलिए घर के मुख्य दरवाजे और पूजा स्थल को साफ रखना शुभ माना जाता है। दिवाली पर मुख्य द्वार पर रंगोली बनाना और दीपक जलाना भी इसी परंपरा का हिस्सा है। मान्यता है कि स्वच्छ और सुंदर घर में शुभता का आगमन होता है।
2. जिस घर में महिलाओं का होता है सम्मान
हिंदू धर्म में नारी को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में महिलाओं के साथ प्रेम और आदर से व्यवहार किया जाता है, वहां सुख-शांति बनी रहती है। परिवार में महिलाओं का सम्मान करना केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि अच्छे सामाजिक जीवन का भी आधार है।
3. जिस घर में सुबह-शाम जलता है दीपक
दीपावली पर दीप प्रज्वलित करने का विशेष महत्व है। कई परिवारों में रोजाना सुबह और शाम पूजा स्थल पर दीपक जलाने की परंपरा होती है। मान्यता है कि दीपक की रोशनी घर से नकारात्मकता दूर कर शुभता और सकारात्मकता का संचार करती है।
4. जिस घर में परिवार के बीच बना रहता है प्रेम
धन-दौलत के साथ परिवार में प्रेम और एकता भी खुशहाली के लिए जरूरी है। जिस घर में सदस्य एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं, मुश्किल समय में साथ खड़े रहते हैं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद नहीं करते, वहां सुखद वातावरण बना रहता है। धार्मिक दृष्टि से ऐसे परिवारों को शुभ माना जाता है।
5. जिस घर में ईमानदारी और मेहनत से कमाया जाता है धन
माता लक्ष्मी को धन और वैभव की देवी कहा जाता है, लेकिन धार्मिक परंपराओं में धन के साथ अच्छे कर्मों को भी महत्व दिया गया है। ईमानदारी से कमाई करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और धन का सदुपयोग करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मेहनत, सदाचार और दान की भावना से जीवन में वास्तविक समृद्धि आती है।
मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए दिवाली पर जरूर करें ये काम
दीपावली से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें। मुख्य द्वार को सजाएं, रंगोली बनाएं और शाम को पूजा के समय दीपक जलाएं। पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर लक्ष्मी-गणेश की आराधना करें।इसके साथ ही जरूरतमंदों की मदद करें और घर में प्रेम तथा सद्भाव बनाए रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि अच्छे विचार और अच्छे कर्म भी महत्वपूर्ण हैं।












