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छोटी दिवाली पर क्यों जलाया जाता है यम दीपक? जानें 14 दीये जलाने का महत्व, सही दिशा और पूजा की विधि

छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर यम दीपक जलाने का विशेष महत्व है। जानें कितने दीये जलाएं, यम दीपक की सही दिशा, विधि और धार्मिक मान्यताएं।

नई दिल्ली। दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन घरों में दीप जलाने के साथ भगवान यमराज के नाम से भी एक विशेष दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपक कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली की शाम यम दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों पर अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और उनकी लंबी उम्र की कामना की जाती है।

 

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मान्यता है कि यमराज को समर्पित यह दीपक परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जलाया जाता है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली पर कितने दीपक जलाने चाहिए, यम दीपक जलाने की सही दिशा क्या है और इसकी धार्मिक मान्यता क्या है।

 

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छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी के दिन 14 दीपक जलाने की परंपरा प्रचलित है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में दीपक जलाने की संख्या अलग हो सकती है। कई घरों में 5, 7 या 11 दीपक भी जलाए जाते हैं।इन दीपकों को घर के मुख्य दरवाजे, आंगन, तुलसी के पौधे और पूजा स्थल पर रखा जाता है। वहीं 14 दीपक जलाने की परंपरा में इन्हें घर के अलग-अलग स्थानों पर रखने का विशेष महत्व बताया गया है।

 

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छोटी दिवाली पर क्यों जलाते हैं यम दीपक?

छोटी दिवाली पर यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा को यम दीपदान कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यमराज के निमित्त दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।मान्यता है कि यम दीपक जलाकर भगवान यमराज से परिवार के सभी सदस्यों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है। इसी वजह से नरक चतुर्दशी की शाम यम दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

 

यम दीपक जलाने की सही दिशा और विधि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यम दीपक हमेशा घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर जलाया जाता है। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है।

यम दीपक जलाने की पारंपरिक विधि इस प्रकार है:

1. छोटी दिवाली की शाम सूर्यास्त के बाद मिट्टी का एक दीपक लें।

2. दीपक में सरसों का तेल डालें।

3. इसमें रूई की बाती लगाकर दीपक प्रज्वलित करें।

4. दीपक को घर के मुख्य दरवाजे के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखें।

5. भगवान यमराज से परिवार के सदस्यों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

 

यम दीपक जलाने से घर में आती है सुख-समृद्धि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यम दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता और सुख-शांति बनी रहती है। इसे परिवार की खुशहाली और सदस्यों की रक्षा के लिए जलाया जाता है।

मान्यता है कि यमराज के नाम से दीपदान करने पर परिवार के सदस्यों पर उनकी कृपा बनी रहती है और जीवन में आने वाली परेशानियों से रक्षा होती है।

धार्मिक मान्यता: यम दीपक जलाने की परंपरा आस्था, परिवार की मंगलकामना और लंबी उम्र की प्रार्थना से जुड़ी हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी विधि और परंपराओं में अंतर हो सकता है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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