close
LIVE UPDATE

रुला देगी पति-पत्नी की ये अमर कहानी : पति की हार्ट अटैक से हुई मौत, तो 10 मिनट के भीतर पत्नी की भी चली गयी जान, एक ही चिता पर दोनों का हुआ अंतिम संस्कार

This immortal story of a husband and wife will make you cry: The husband died of a heart attack, and within 10 minutes, the wife also died, both were cremated on the same funeral pyre.

Regional News : आज के दौर में जब रिश्तों में जहर घुल रहे हैं। बात-बात पर खून बहने और बहाने पर लोग उतारू हैं, तलाक और सुपारी किलिंग जैसी घटनाओं से पति-पत्नी के रिश्ते कलंकित हो रहे हैं, वैसे दौर में पति-पत्नी की एक अमर प्रेम की कहानी सामने आयी है। पूरा मामला बिहार के गया जिले के परैया प्रखंड अंतर्गत रामडीह गांव का है। जहां 60 वर्षीय पति की हार्ट अटैक से मौत के महज 10 मिनट बाद ही 58 वर्षीय पत्नी ने भी सदमे में दम तोड़ दिया।

पति-पत्नी के बीच इतना गहरा भावनात्मक जुड़ाव था कि पति के बिछड़ने का सदमा पत्नी सहन नहीं कर सकीं।परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार को नंदकिशोर शर्मा को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिवार के लोग उन्हें संभालने और इलाज के लिए ले जाने की कोशिश कर ही रहे थे कि इसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। यह खबर जैसे ही घर में फैली, कोहराम मच गया।

पति के सदमे में पत्नी ने भी तोड़ा दम

पति की मृत्यु की खबर सुनते ही मानती देवी गहरे सदमे में चली गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक मानसिक आघात और सदमे के कारण उनका दिल भी साथ नहीं दे सका। पूरी घटना सिर्फ 10 मिनट के अंतराल में हुई, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।

गांव में पसरा मातम, हर आंख नम

इस घटना के बाद रामडीह गांव और आसपास के इलाकों में मातम पसर गया। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर कोई भावुक नजर आया। ग्रामीणों का कहना है कि नंदकिशोर शर्मा और मानती देवी के बीच गहरा प्रेम और आपसी समझ थी। दोनों हमेशा एक-दूसरे के साथ रहते थे और जीवन के हर सुख-दुख को साझा करते थे। लोग इसे आज के दौर में सच्चे प्रेम की दुर्लभ मिसाल बता रहे हैं।

कोलकाता से लौटे थे गांव

परिवार के सदस्य प्रभाकर कुमार ने बताया कि दंपति पिछले कुछ महीनों से कोलकाता में रह रहे थे, जहां उनका बेटा निजी व्यवसाय करता है। हाल ही में दोनों गांव लौटे थे। दो दिन पहले नंदकिशोर शर्मा को सीने में दर्द की शिकायत हुई थी, जिसका इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को अचानक स्थिति बिगड़ गई। बेटे को घटना की सूचना दे दी गई है और वह कोलकाता से गया के लिए रवाना हो चुका है।

एक साथ निकलीगी दोनों की अर्थी

परिजनों ने निर्णय लिया है कि पति-पत्नी की अर्थी एक साथ निकाली जाएगी और दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया जाएगा। परिजनों ने ऐसा ही किया। ग्रामीणों का कहना है कि जिन्होंने जीवन भर साथ निभाया, उनका अंतिम सफर भी एक साथ होना चाहिए। यह फैसला पूरे गांव की भावनाओं को दर्शाता है।यह घटना न केवल परिवार, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक भावनात्मक झटका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *