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हेमंत सोरेन को राहत : ED समन मामले में सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को मिली राहत, कार्यवाही पर लगी रोक, ED ने समन मामले में…

Hemant Soren gets relief from Supreme Court in ED summons case, proceedings stayed; ED issues notice in summons case...

रांची/25.2.26। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े समन अवहेलना मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने रांची की MP-MLA विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है और मामले में ED को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को मुख्यमंत्री के लिए बड़ी कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे निचली अदालत में चल रही प्रक्रिया अस्थायी रूप से ठहर गई है।

पूरा मामला ED द्वारा दायर शिकायत वाद (कंप्लेन केस) से संबंधित है। ED ने आरोप लगाया था कि समन जारी होने के बावजूद मुख्यमंत्री की ओर से अपेक्षित अनुपालन नहीं किया गया, जिसके आधार पर रांची सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) ने संज्ञान लिया था। CJM के आदेश के बाद मामला MP-MLA विशेष अदालत में विचाराधीन था।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष हुई, जिसमें जस्टिस जॉयमंगल बागची भी शामिल थे। मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता प्रज्ञा सिंह बघेल ने पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर गंभीर विचार आवश्यक है।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

दलीलों पर विचार करने के बाद शीर्ष अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए विशेष अदालत की कार्यवाही पर अस्थायी रोक लगा दी और ED को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने MP-MLA विशेष अदालत के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की।

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क्या है विवाद का केंद्र?

विवाद का केंद्र ED द्वारा जारी समन और उसके कथित अनुपालन से जुड़ा है। ED का कहना है कि समन की अवहेलना के आधार पर शिकायत दर्ज की गई, जबकि मुख्यमंत्री पक्ष का तर्क है कि मामले में प्रक्रियात्मक और कानूनी व्याख्याओं पर स्पष्टता आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट का नोटिस इसी संदर्भ में ED से विस्तृत जवाब प्राप्त करने के लिए जारी किया गया है।

आगे की प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट अब ED का पक्ष सुनने के बाद आगे की सुनवाई में मामले की दिशा तय करेगा। फिलहाल, विशेष अदालत की कार्यवाही पर रोक लगने से मुख्यमंत्री को राहत मिली है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष अदालत का यह अंतरिम आदेश मामले के अंतिम निपटारे तक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया है, ताकि सभी पक्षों की दलीलें सुनकर न्यायसंगत निर्णय लिया जा सके।

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